अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी से जुड़ा विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इस सिलसिले में आठ लोग गिरफ्तार और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का इस्तीफा हो चुका है। लेकिन चंपत राय अयोध्या में डटे हैं। दूसर ओर साधु संतों का एक बड़ा खेमा उनको अयोध्या से हटवाना चाहता है और मंदिर प्रशासन से उनका दखल पूरी तरह से खत्म कराना चाहता है। इसी को लेकर मंगलवार को साधु संतों की एक बैठक हो रही है, जिसे पुलिस ने रोक दिया। बैठक अयोध्या में कारसेवकपुरम के पास ओम आश्रम में हो रही थी।
संतों का कहना है कि बैठक के बीच पुलिस पहुंची और संतों को बाहर निकाल कर आश्रम में ताला लगा दिया। इससे नाराज संतों ने चंपत काय के खिलाफ नारेबाजी की। हालांकि, पुलिस का कहना है कि रोकने से पहले ही संत खुद आश्रम से बाहर निकल गए और नारेबाजी करने लगे। संतों का कहना है, ‘चढ़ावा चोरी के छोटे आरोपियों पर कार्रवाई की गई, जबकि बड़े आरोपियों को बचाया जा रहा है। जिला प्रशासन आरोपियों का साथ दे रहा है। वह नहीं चाहता कि आरोपी पकड़े जाएं। इसलिए संतों की बैठक नहीं होने दी जा रही है’।
बताया जा रहा है कि बैठक प्रकाशानंद गिरि उर्फ कंप्यूटर बाबा ने बुलाई थी। इसमें जानकीघाट बड़ा स्थान के महंत जन्मेजय शरण, महामंडलेश्वर परमानंद गिरि, महंत दिलीप दास सहित करीब 10 संत पहुंचे थे। संतों का कहना है कि जब उन्होंने पुलिस से बैठक रोकने का कारण पूछा, तो उन्होंने कोई वजह नहीं बताई। कुछ संतों को बैठक में आने भी नहीं दिया गया। उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया। कंप्यूटर बाबा ने कहा कि संत समाज चढ़ावा चोरी की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन करेगा।
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