ईद के बाद रामनवमी के मौके पर भी देश के कई हिस्सों में तनाव बना हुआ था लेकिन रविवार को रामनवमी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। सभी राज्यों में शोभा यात्रा निकाले गए और अलग अलग पार्टियों के नेताओं ने इसमें हिस्सा लिया। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार आदि राज्यों में रामनवमी की धूम रही।
रामनवमी के त्योहार को देखते हुए राज्यों में पुलिस और प्रशासन हाई अलर्ट पर था। पश्चिम बंगाल में हावड़ा सहित 10 जिले हाई अलर्ट पर थे और पांच हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। भाजपा ने कोलकाता में बाइक रैली निकाली, जबकि विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी। भाजपा की शोभायात्रा में प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और मिथुन चक्रवर्ती भी शामिल हुए। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने भी रामनवमी के मौके पर शोभायात्री निकाली, जिसमें पूर्व सांसद कुणाल घोष शामिल हुए।
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रामनवमी पर अयोध्या में सूर्य तिलक और दीपोत्सव, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
झारखंड में रांची, हजारीबाग, जमशेदपुर और गिरिडीह जिलों में सीआरपीएफ के साथ साथ पांच हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। मध्य प्रदेश के इंदौर, खंडवा औरर गुजरात के अहमदाबाद में संवेदनशील जगहों पर निगरानी की जा रही थी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी नागपुर में रामनवमी के कार्यक्रम में शामिल हुए। नागपुर में मुस्लिम समाज के लोगों ने रामनवमी के जुलूस पर फूल बरसाए।
रामनवमी पर अयोध्या में रामलला का जन्मोत्सव मनाया गया। जन्म के बाद उनका अभिषेक किया गया। रविवार दोपहर करीब 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में रामलला का सूर्य अभिषेक हुआ। करीब चार मिनट रामलला के मस्तक पर सूर्य किरणें पड़ीं। सूर्य तिलक के बाद रामलला की आरती की गई। सूर्य तिलक से पहले कुछ देर के लिए रामलला के पट बंद कर दिए गए और गर्भगृह की लाइट बंद कर दी गई। इसके बाद शाम करीब साढ़े छह बजे सरयू घाट पर दीपोत्सव हुआ। तीसरी बार अयोध्या में रामनवमी पर दीपोत्सव किया गया। इस बार पर्यटन विभाग ने दो लाख दीप जलाए।
Pic credit : ANI
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