नई दिल्ली। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया प्लोरेस को उठवा कर अमेरिका लाने और उन पर मुकदमा शुरू करने के बाद अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि वे वेनेजुएला का तेल बेचेंगे। उन्होंने बड़ी तेल कंपनियों के प्रमुखों से मुलाकात की है। यह भी कहा जा रहा है कि वेनेजुएला का तेल भारत को भी मिलेगा। भारत की पेट्रोलियम कंपनी रिलायंस ने भी वहां से तेल खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है।
मीडिया की खबरों के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप के प्रशासन के एक जानकार अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि तेल की बिक्री का काम अमेरिका की निगरानी और शर्तों के साथ होगा। हालांकि इससे जुड़ी शर्तें क्या हैं, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। राष्ट्रपति ट्रंप की तेल कंपनियों के प्रमुखों के साथ हुई बातचीत के बाद ऐसा लग रहा है कि अमेरिका के प्रतिबंधों की वजह से वेनेजुएला से तेल का जो व्यापार रुका हुआ था, वह अब फिर से शुरू हो सकता है। खबर है कि भारतीय कंपनी रिलायंस चाहती है कि अमेरिका उसे वेनेजुएला से तेल खरीदने की इजाजत दे।
इससे पहले शुक्रवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में दुनिया की बड़ी तेल कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। वहां उन्होंने वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में करीब नौ लाख करोड़ रुपए के निवेश की बात कही। गौरतलब है कि वेनेजुएला पेट्रोलियम का कारोबार करने वाले देशों के समूह ओपेक का सदस्य है। इसमें रूस भी शामिल है। वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है, लेकिन वह वैश्विक सप्लाई का सिर्फ करीब एक फीसदी ही देता है। इसका एक कारण यह है कि वेनेजुएला से हेवी ऑयल निकलता है। इसके बावजूद वेनेजुएला से तेल की खरीद होती थी लेकिन 2019 में लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंध की वजह से इसमें कमी आई।


