नई दिल्ली। डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत में गिरावट का सिलसिला जारी है। शुक्रवार के कारोबार में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत 95 रुपए के करीब पहुंच गई। पश्चिम एशिया में चल रही जंग की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ रहे हैं और दूसरी ओर भारतीय रुपए की कीमत गिरती जा रही है। शुक्रवार को यह डॉलर के मुकाबले 94.7 रुपए के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। पिछले एक महीने में ही रुपया करीब चार फीसदी गिर चुका है। अगर वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो इसमें 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। यह पिछले 14 सालों की सबसे बड़ी गिरावट है। माना जा रहा है कि बहुत जल्दी डॉलर की कीमत 98 रुपए तक पहुंच जाएगी।
रुपए की कीमत के साथ साथ शुक्रवार को कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन शेयर बाजार में भी बड़ी गिरावट हुई। शुक्रवार को 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 1,690 अंक यानी 2.25 फीसदी की गिरावट के साथ 73,583 पर आ गया है। वहीं निफ्टी में भी 486 अंक यानी 2.09 फीसदी की गिरावट रही। यह 22,820 पर बंद हुआ। शुक्रवार को ऑटो और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली रही। ईरान में युद्धविराम की वार्ता होने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे की वजह से दो दिन तक शेयर बाजार में तेजी रही थी।


