श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में मंगलवार यानी 12 सितंबर को शुरू हुई मुठभेड़ छठे दिन यानी 18 सितंबर को भी जारी है। सोमवार को भी सुरक्षा बलों का अभियान जारी रहा क्योंकि घने जंगलों में दो और आतंकवादियों के छिपे होने की आशंका जताई जा रही है। बहरहाल, बताया जा रहा है कि अनंतनाग में अब तक का यह सबसे लंबी मुठभेड़ है। बहरहाल, पिछले छह दिन में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच तीन जगहों पर मुठभेड़ हुई। इसमें एक कर्नल, एक मेजर और एक डीएसपी समेत पांच जवान शहीद हुए। दूसरी ओर सुरक्षा बलों ने अनंतनाग में एक, बारामूला में तीन और राजौरी में दो यानी कुल छह आतंकवादियों यों को मार गिराया है।
बताया जा रहा है कि सेना को अभी भी गडूल कोकेरनाग के जंगलों में दो और आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। सेना ने उनकी तलाश में सबसे एडवांस ड्रोन हेरॉन मार्क-2 को लगाया है। इससे उनके ठिकानों की तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि बारिश की वजह से शनिवार रात से ही सुरक्षा बलों का अभियान प्रभावित हुआ। बहरहाल, इससे पहले 2020 में इस इलाके में 18 घंटे तक सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। वहीं, जम्मूकश्मीर में यह तीसरी सबसे लंबी चलने वाली मुठभेड़ है।
इस बीच जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सोमवार को आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े तीन संदिग्धों को लोक सुरक्षा कानून यानी पीएसए के तहत गिरफ्तार किया गया। उनकी पहचान तौसीफ उल नबी, जहूर उल हसन और रेयाज अहमद के रूप में हुई। तीनों को जेल भेज दिया गया है।
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