जौनपुर। जौनपुर जिले की एक अदालत ने बुधवार को पूर्व सांसद धनंजय सिंह को अपहरण और रंगदारी मांगने के मामले में सात साल की सजा सुनाई और 50 हजार का जुर्माना भी लगाया। अपर सत्र न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट शरद त्रिपाठी ने मंगलवार को पूर्व सांसद को दोषी करार दिया था। Dhananjay Singh Sentence
बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने अपना फैसला सुनाया। नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंघल का चार साल पहले अपहरण कराने, रंगदारी मांगने, गालियां और धमकी देने के आरोपी पूर्व सांसद धनंजय सिंह और सहयोगी संतोष विक्रम को सात साल की सजा सुनाई गई है। धनंजय सिंह को दो साल से ज्यादा की सजा मिली है, ऐसे में वह अब आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
इससे पहले मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ/एमपी एमएलए कोर्ट शरद कुमार त्रिपाठी की अदालत ने दोनों आरोपियों को अपहरण और रंगदारी मामले में दोषी करार दिया था। साथ ही सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए छह मार्च की तिथि नियत की गई थी।
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