नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की लोकसभा की सदस्यता समाप्त होगी। पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोप में लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने जांच रिपोर्ट स्वीकार कर ली है। बताया जा रहा है कि इसमें महुआ मोइत्रा की सदस्यता खत्म करने की सिफारिश की गई है। संसद की एथिक्स कमेटी की गुरुवार को बैठर हुई, जिसमें कमेटी के अध्यक्ष विनोद कुमार सोनकर ने जांच रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट के समर्थन में कमेटी के छह सदस्यों ने वोट किया, जबकि चार सदस्यों ने इसका विरोध किया। इस तरह छह-चार से रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया गया।
एथिक्स कमेटी ने गुरुवार की मीटिंग में महुआ मोइत्रा को भी शाम चार बजे पेश होने को कहा था। हालांकि, वे कमेटी के सामने पेश नहीं हुईं। एथिक्स कमेटी में अध्यक्ष सहित कुल 15 सदस्य हैं, जिसमें भाजपा के सात सदस्य हैं। पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में महुआ मोइत्रा की सदस्यता खत्म करने की सिफारिश वाली जांच रिपोर्ट के पक्ष में अध्यक्ष विनोद सोनकार के अलावा भाजपा के सुमेधानंद, अपराजिता सारंगी और राजदीप रॉय ने वोट किया। इनके अलावा कांग्रेस की परनीत कौर और शिव सेना के हेमंत गोडसे ने भी पक्ष में वोट किया। दूसरी ओर बहुजन समाज पार्टी के दानिश अली, सीपीएम के पीआर नटराजन, कांग्रेस के वैथिलिंगम और जदयू के गिरधारी यादव ने इसका विरोध किया।
अब कमेटी शुक्रवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के पास जांच रिपोर्ट भेजेगी। कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता रद्द किए जाने की सिफारिश की है। बहरहाल, बैठक के बाद एथिक्स कमेटी के अध्यक्ष विनोद कुमार सोनकर ने कहा- महुआ मोइत्रा पर जो आरोप था, इसे लेकर एथिक्स कमेटी ने जांच के बाद रिपोर्ट तैयार की थी। आज की मीटिंग का ये सिंगल एजेंडा था। इस मीटिंग में रिपोर्ट पेश की गई और इसे अडॉप्ट किया गया।
कमेटी के अध्यक्ष ने गुरुवार को हुई कार्रवाई के बारे में बताते हुए कहा- रिपोर्ट के समर्थन में छह सदस्य थे, जबकि चार लोगों ने इसका विरोध किया है। कमेटी ने जांच के बाद जो तथ्य पाए हैं उसकी डिटेल रिपोर्ट बनाकर अपनी सिफारिशों के साथ 10 नवंबर को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के पास भेजा जाएगा। अब इस मामले में आगे जो भी कार्रवाई करनी है, वो लोकसभा स्पीकर की तरफ से की जाएगी। गौरतलब है कि महुआ ने पैसे लेकर सवाल पूछने के आरोपों से इनकार किया है लेकिन उन्होंने यह माना है कि लोकसभा की वेबसाइट का अपना लॉगिन आईडी और पासवर्ड उन्होंने कारोबारी दिनेश हीरानंदानी को दिए थे।
एथिक्स कमेटी की सिफारिश के बाद महुआ मोइत्रा ने पहली प्रतिक्रिया में कहा- ये कंगारू कोर्ट में पहले से फिक्स मैच की तरह था। भले ही वे मुझे निष्कासित कर दें, अगली लोकसभा में मैं ज्यादा वोटों से जीतकर वापस आऊंगी।
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