मुंबई। महाराष्ट्र की सरकार मराठाओं को स्थायी आरक्षण देने पर राजी हो गई है। सरकार के इस फैसले के बाद मराठा आरक्षण के लिए भूख हड़ताल पर बैठे मनोज जरांगे पाटिल ने अनशन खत्म कर दिया है। वे 25 अक्टूबर से अनशन पर बैठे थे। उन्होंने राज्य सरकार को दो जनवरी तक का समय दिया है। सरकार ने तय किया है कि दिसंबर में होने वाले विधानसभा के सत्र में मराठा आरक्षण पर चर्चा होगी और इसे कानूनी रूप दिया जाएगा।
इससे पहले गुरुवार को रिटायर जज सुनील शुक्रे और एमजी गायकवाड़ ने मनोज जरांगे से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि सरकार स्थायी आरक्षण देने के लिए कानूनी तौर पर क्या क्या करेगी। इसके बाद राज्य सरकार के चार मंत्रियों- धनंजय मुंडे, संदीपान भुमरे, अतुल सावे और उदय सामंत के एक प्रतिनिधिमंडल ने मनोज जरांगे से मुलाकात कर भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। उन्होंने स्थायी मराठा आरक्षण देने का वादा किया। इसके बाद मनोज जरांगे ने अनशन खत्म करने की घोषणा की।
बाद में कृषि मंत्री धनंजय मुंडे ने कहा कि विधानमंडल सत्र सात दिसंबर से शुरू होगा। इस सत्र में आठ दिसंबर को मराठा आरक्षण पर चर्चा की जाएगी। अनशन खत्म करने की घोषणा करते हुए मनोज जरांगे ने कहा- महाराष्ट्र सरकार ने मराठा समुदाय को स्थायी आरक्षण देने का वादा किया है। उन्होंने इसके लिए कुछ समय मांगा है। हम सबकी दिवाली मीठी बनाने के लिए सरकार को समय देंगे। अगर सरकार तय समय में आरक्षण नहीं देगी तो हम मुंबई में आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक मराठा आरक्षण नहीं मिल जाता वे अपने घर में प्रवेश नहीं करेंगे। गौरतलब है कि दूसरे चरण में मराठा आरक्षण का आंदोलन हिंसक हो गया था। पिछले 14 दिन में 27 लोगों ने आत्महत्या की थी और कई जगह हमला किया था।
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