चंडीगढ़। कनाडा में मारे गए खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर के मसले पर भारत और कनाडा के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ रहा है और इस बीच केंद्र सरकार की एजेंसियों ने खालिस्तानी आतंकवादियों, गैंगेस्टरों और अलगाववादियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी, एनआईए ने खालिस्तानी आतंकवादी और सिख फॉर जस्टिस, एसजेएफ के सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू पर कार्रवाई करते हुए उसकी संपत्ति की जब्ती की है।
एनआईए ने प्रतिबंधित संगठन एसजेएफ के सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू की चंडीगढ़ और अमृतसर स्थित अचल संपत्तियों को शनिवार को कुर्क कर दिया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि संपत्ति जब्त करने संबंधी नोटिस खालिस्तान समर्थक पन्नू के चंडीगढ़ स्थित आवास के बाहर और अमृतसर में एक कृषि भूमि के समीप लगाया गया है। यह कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून यानी यूएपीए के तहत की गई है।
बताया जा रहा है कि जब्त की गई संपत्तियों में अमृतसर जिले के बाहरी इलाके में गुरपतवंत सिंह पन्नू के पैतृक गांव स्थित खानकोट में 46 कनाल कृषि संपत्ति शामिल है। एक और संपत्ति जो एनआईए द्वारा जब्त की गई है, वह चंडीगढ़ के सेक्टर 15-सी एक मकान है। ध्यान रहे 2020 में भी पन्नू की कुछ संपत्ति कुर्क की गई थी। मोहाली स्थित एनआईए की विशेष अदालत के आदेशों पर यूएपीए 1967 की धारा 33 (5) के तहत पन्नू की संपत्ति जब्त की गई है।
गौरतलब है कि पन्नू 2019 से ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी, एनआईए के रडार पर है, जब आतंकवाद विरोधी एजेंसी ने उसके खिलाफ पहला मामला दर्ज किया था। पन्नू अपनी धमकियों और डराने-धमकाने की रणनीति के जरिए पंजाब और देश की अन्य जगहों पर आतंकवादी कृत्यों और गतिविधियों को बढ़ावा देने और उन्हें संचालित करने के साथ ही भय और आतंक फैलाने में प्रमुख भूमिका निभा रहा है।
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