राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

तेहरान में पूर्व अफगान जनरल की हत्या

अफगानिस्तान के पूर्व पुलिस कमांडर जनरल इकरामुद्दीन सारी की बुधवार शाम को ईरान की राजधानी तेहरान में हत्या कर दी गई। सारी को उनके घर के बाहर गोलियों से भून दिया गया। इस हत्या की कई अफगान नेताओं ने कड़े शब्दों में निंदा की है।

अफगान मीडिया ने गुरुवार को कहा कि हत्या की जिम्मेदारी किसी भी शख्स या ग्रुप ने नहीं ली है। वहीं ईरान ने भी अपनी जांच से जुड़ी जानकारी साझा नहीं की है।

अफगानिस्तान की जानी-मानी न्यूज एजेंसी खामा प्रेस ने परिवार वालों के हवाले से बताया कि उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया गया था। अस्पताल में ले जाते वक्त दम तोड़ दिया। रिपोर्ट्स से पता चला है कि यह घटना तेहरान के व्यस्ततम इलाकों में से एक, वालियासर जिले में हुई।

रिपोर्ट के मुताबिक, “सारी पिछली हुकूमत के दौरान अफगानिस्तान के बाघलान और तखर प्रांत में बतौर पुलिस प्रमुख काम कर चुके थे। कई पूर्व अफगान सैन्य कर्मियों की तरह, तालिबान के अगस्त 2021 में सत्ता में लौटने के बाद उन्होंने ईरान में शरण ली थी।

तालिबान विरोधी दलों ने इसे ‘एक्ट ऑफ टेरर’ (आतंकी कृत्य) करार दिया है। उनका कहना है कि इस हमले के बाद विदेश में रह रहे अफगान नेता खौफजदा हैं।

जमियत-ए इस्लामी, नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट, और फ्रीडम फ्रंट ने बयान जारी कर सारी को देश के प्रति समर्पित ईमानदार कमांडरों में से एक बताया। कहा कि सारी की हत्या ने निर्वासित जीवन जी रहे पूर्व अफगान सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों के सामने बढ़ते खतरे को उजागर किया है।

Also Read : 17 साल बाद बांग्लादेश में वापसी कर रहे बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान

जमियत-ए-इस्लामी अफगानिस्तान ने एक्स पर बयान जारी किया। इसमें कहा, “कुछ समय पहले, इस्लामिक जमियत के पूर्व कमांडर मरहूम मारूफ घोलमी मशहद में शहीद हो गए थे। ऐसी हत्याएं, खासकर उन शहरों में जहां अफगान राजनीतिक और कांसुलर प्रतिनिधित्व तालिबान के नियंत्रण में हैं, गंभीर चिंता का विषय हैं। उम्मीद है कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के अधिकारी ऐसी हत्याओं के अपराधियों की पहचान करने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के लिए कार्रवाई करेंगे।

नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट (एनआरएफ) ने कहा कि दिन दहाड़े और ईरानी धरती पर सारी की हत्या ने तालिबान और ईरानी शासन के बीच गहरे और छिपे हुए संबंधों को उजागर किया है। इसने तालिबान विरोधी आंदोलनों को चेतावनी दी कि ईरान अब उनके लिए सुरक्षित जगह नहीं है।

प्रमुख अफगान मीडिया आउटलेट अमु टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, “फ्रीडम फ्रंट ने हत्या के लिए तालिबान को जिम्मेदार ठहराया, इसे अफगानिस्तान की सीमाओं से परे पूर्व अफगान सुरक्षा कर्मियों को खत्म करने के एक बड़े अभियान का हिस्सा बताया। पूर्व खुफिया प्रमुख रहमतुल्लाह नबील ने संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस हत्या ने देश और विदेश में अफगानों को गहरा सदमा पहुंचाया है।

रिपोर्ट में बताया गया कि सारी के साथ हमले में उनके एक साथी की भी मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया।

संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान के चार्ज डी’अफेयर्स नसीर अहमद फैक ने एक्स पर लिखा, “पूर्व अफगान सुरक्षा अधिकारियों का सफाया निर्वासन में भी जारी है, जबकि अपराधी पूरी तरह से आजाद घूम रहे हैं।

Pic Credit : ANI

By Naya India

Naya India, A Hindi newspaper in India, was first printed on 16th May 2010. The beginning was independent – and produly continues to be- with no allegiance to any political party or corporate house. Started by Hari Shankar Vyas, a pioneering Journalist with more that 30 years experience, NAYA INDIA abides to the core principle of free and nonpartisan Journalism.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

18 + 12 =

और पढ़ें