मॉस्को। रूस के पहले हाइड्रोजन पावर से चलने जहाज ‘इकोबाल्ट’ का इस महीने समुद्री परीक्षण किया जाएगा। क्रायलोव स्टेट रिसर्च सेंटर (केएसआरसी) के महानिदेशक ओलेग सावचेंको ने कहा कि इसे 12 यात्रियों वाले रिक्रिएशनल बोट के रूप में डिजाइन किया गया है। सावचेंको ने कहा कि यह जहाज हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाले इलेक्ट्रोकेमिकल जनरेटर से लैस है। न्यूज एजेंसी आरआईए नोवोस्ती ने सावचेंको के हवाले से कहा यह रूस का पहला जहाज होगा जिसमें घरेलू स्तर पर निर्मित इलेक्ट्रोकेमिकल हाइड्रोजन जनरेटर होगा, जो पूरी तरह से इंपोर्ट सब्स्टीट्यूट टेकनोलॉजी का प्रतिनिधित्व करता है।
इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व केएसआरसी कर रहा है जो कि रूसी नौसेना के लिए शिप डिजाइन, मटेरियल और टेक्नोलॉजी के प्रमुख डेवलपर है। इस जहाज का निर्माण गोर्की जेलेनोडोल्स्क शिपयार्ड में अक बार्स ने किया गया था। यह केएसआरसी के बाल्टसुडोप्रोक्ट सेंट्रल डिजाइन ब्यूरो द्वारा तैयार किए डिजाइन के आधार पर बनाया गया था। एके बार्स के महानिदेशक रेनाट मिस्ताखोव ने कहा कि यह जहाज हाइड्रोजन बेस्ड टेक्नोलॉजी को परिष्कृत करने और फ्यूल सेल का इस्तेमाल करके एक यूनिवर्सल पावर मॉड्यूल विकसित करने के लिए एक प्रोटोटाइप है।
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