सीरिया के राजनीतिक हालात फिर बिगड़ने लगे हैं। संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत गीर पेडरसन ने अनिश्चित सुरक्षा स्थिति के बीच इसकी चेतावनी दी है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को एक मासिक ब्रीफिंग में उन्होंने बताया कि 19 जुलाई को हुए युद्धविराम पर अब संकट के बादल मंडराने लगे हैं। हालांकि ये स्थिति फिलहाल हिंसा में तब्दील नहीं हुई है। स्वेदा के सीमांत क्षेत्रों में छिटपुट झड़पों की खबर है।
पेडरसन ने फिक्र जाहिर करते हुए कहा एक महीने से अपेक्षाकृत सैन्य कार्रवाई नहीं हुई है, जो बिगड़ते राजनीतिक माहौल पर पर्दा तो डालती है, हालांकि राजनीतिक रूप से भड़काऊ बयानबाजी का दौर जारी है। उन्होंने आगे कहा, “इसकी एक अहम वजह तनाव के दौरान स्वेदा के अंदर हुई हिंसा और कुछ भयावह फुटेज का सामने आना है।
पेडरसन ने अपराधियों की संबद्धता की परवाह किए बिना जवाबदेही के महत्व पर जोर दिया।
Also Read : भारत और पाकिस्तान के मैच को मंजूरी
अंतरिम सीरियाई अधिकारियों ने एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी के गठन की घोषणा की है, जिसे स्वेदा में हुए दुर्व्यवहारों की जांच का काम सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि समिति के निष्कर्षों को पूरी तरह से सार्वजनिक किया जाए और सभी अपराधियों को—चाहे वे किसी भी संगठन से जुड़े हों—जिम्मेदार ठहराया जाए।
उन्होंने आगे कहा कि अगर भविष्य में हिंसा और उल्लंघनों से बचना है, तो सुरक्षा क्षेत्र में सुधार, निरस्त्रीकरण, सैन्य-विस्थापन और पुनः एकीकरण पर एक गंभीर कार्यक्रम की स्पष्ट रूप से आवश्यकता है।
पेडरसन ने कहा कि एक समावेशी, सीरियाई नेतृत्व वाली और सीरियाई स्वामित्व वाली राजनीतिक प्रक्रिया आवश्यक है—एक ऐसी प्रक्रिया जो सभी के अधिकारों की रक्षा करे, सभी की रक्षा करे, सभी की वैध आकांक्षाओं को पूरा करे, और सीरियाई लोगों को शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और लोकतांत्रिक तरीके से अपना भविष्य निर्धारित करने में सक्षम बनाए।
Pic Credit : X
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


