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नमस्कार, मैं हरिशंकर व्यास, क्या यूरोप के तमाम देश वाकई इस्लामिक कट्टरपंथ का सामना कर रहे हैं या फिर ये उनके जेहन में बैठा एक डर भर है क्योंकि आंकड़े बताते हैं कि आखिर 6 से 10 फीसदी मुस्लिम आबादी कैसे कई यूरोपीय देशों के लिए खतरा बन सकती है..तभी ‘द इकोनॉमिस्ट’ पत्रिका के कवर पेज पर छपे यूरोप में इस्लाम के बारे में सच और झूठ के शीर्षक को लेकर हंगामा मच गया..जैसा कि इसी शीर्षक को अगर भारत के संदर्भ में देखे तो फिर कुछ ऐसा ही डर या कहें तो डराने का तंत्र भारत में भी नजर आता है..इसीलिए कॉलम अपन तो कहेंगे में इस बार मेरे विचार का शीर्षक है..
इस्लाम का भय-भारत में सच और झूठ
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