

/
RSS Feed
नमस्कार, मैं हरिशंकर व्यास, भारत में जवाहर लाल नेहरु को छोड़ दे तो उनके बाद सत्ता के शीर्ष पर बैठी ज्यादातर शख्सियतें इसी मुगालते में रहती आई हैं कि उसने अपने मतदाता के लिए वो सब किया है जो उसे चाहिए होता है और इसके बदले में वो मतदाता उसे छोड़ कहीं और क्यों जाएगा..जबकि हकीकत कुछ और ही होती है…इसलिए कॉलम अपन तो कहेंगे में इस बार मेरे विचार का शीर्षक है..
प्रधानमंत्री जीत तय मानता है, जनता धोखा देती है!
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


