कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ फोटो सामने आने के बाद कायदे से तो हरदीप सिंह पुरी को इस्तीफा दे देना चाहिए। लेकिन ऐसा लग नहीं रहा है कि वे अभी इस्तीफा देंगे। जिस तरह से उन्होंने पहले ईमेल सामने आने के बाद अपना बचाव किया था उसी से लग गया था कि वे अपने मन से पद नहीं छोड़ेंगे। सरकार भी उनका इस्तीफा नहीं कराएगी क्योंकि अगर वैश्विक यौन अपराधी के साथ संबंधों के आधार पर इस्तीफा हुआ तो ज्यादा शोर मचेगा। तभी उनकी विदाई का दूसरा रास्ता बनाया जा रहा है। ध्यान रहे नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री रहे एमजे अकबर पत्रकारिता की अपनी सहयोगी महिलाओं के यौन शोषण के आरोपों में फंसे थे और विवाद बढ़ने पर उनका इस्तीफा हो गया था। उसके बाद उनकी राज्यसभा की सदस्यता भी समाप्त हो गई।
हरदीप पुरी के मामले में पहले राज्यसभा की सदस्यता समाप्त कराई जा रही है। उनका कार्यकाल 25 नवंबर को पूरा हो रहा है। वे उत्तर प्रदेश से उच्च सदन के सदस्य हैं। लेकिन उनको इस बार मौका नहीं मिला है। यह खबर चल रही थी कि मध्य प्रदेश से एल मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर उनको भेजा जा सकता है। लेकिन अब वह रास्ता भी बंद हो गया। इसके बाद दूसरा चरण यह है कि जब भी प्रधानमंत्री सरकार में फेरबदल करेंगे तो पुरी को मंत्री नहीं बनाया जाएगा। यानी चुपचाप रिटायर कर दिया जाएगा।
हालांकि इस बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर अमेरिकी विदेश मंत्री के भारत दौरे के बीच यह फोटो किसने लीक कराई? राहुल गांधी ने एक पोस्ट में इशारा किया कि अमेरिका ब्लैकमेल कर रहा है। तभी उसके जस्टिस डिपार्टमेंट ने फोटो जारी की। हालांकि सरकार में शामिल विदेश सेवा के दूसरे अधिकारी पर भी उंगली उठाई जा रही है।
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