जो रूट ने सूत्रधार की भूमिका निभाकर नाबाद 99 रन की शानदार पारी खेली जिससे इंग्लैंड ने दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में भारत को चार विकेट से हराकर तीन मैच की श्रृंखला 1-1 से बराबर कर ली।
इस मैच में सीनियर बल्लेबाज रोहित शर्मा के संघर्ष को देखते हुए उनके भविष्य को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया। रोहित ने 47 गेंद पर 26 रन की संघर्षपूर्ण पारी खेली।
रूट ने 133 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से नाबाद 99 रन बनाकर इंग्लैंड को जीत दिलाई। श्रृंखला का आखिरी मैच रविवार को लॉर्ड्स में खेला जाएगा और माना जा रहा है कि यह रोहित का आखिरी मैच हो सकता है।
भारतीय बल्लेबाज दूसरे वनडे में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए और पूरी टीम 44 ओवरों में 233 रन पर आउट हो गई। विराट कोहली (65) और श्रेयस अय्यर (66) ने यह सुनिश्चित किया कि अन्य बल्लेबाजों के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भी गेंदबाजों के पास कुछ मौका बना रहे।
इसके जवाब में रूट ने आदर्श पारी खेली। उन्होंने दिखाया कि तेज उछाल वाली पिच पर लक्ष्य का पीछा कैसे किया जाता है।
भारतीय तेज गेंदबाजों ने इंग्लैंड को शुरू में झटके दिए और एक समय उसका स्कोर पांच विकेट पर 125 रन था। लेकिन रूट की विल जैक्स (30) के साथ छठे विकेट के लिए 72 रन की साझेदारी ने मैच को इंग्लैंड के पक्ष में कर दिया। इंग्लैंड ने 44.1 ओवर में छह विकेट पर 235 रन बनाकर जीत हासिल की।
रूट शतक के बेहद करीब पहुंच गए थे, लेकिन गस एटकिंसन ने विजयी चौका लगाकर उन्हें शतक बनाने से रोक दिया।
इससे पहले रोहित एक बार फिर कड़ी निगरानी में आ गए। हर डॉट बॉल से उन पर दबाव बढ़ता जा रहा था। विपक्षी टीमों ने उनकी तकनीक की खामियों को भांप लिया है और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज पूर्व भारतीय कप्तान के लिए परेशानी खड़ी करने के लिए तुरंत मैदान में उतारे जाते हैं।
एटकिंसन की गेंद पर एक छक्का लगाने के अलावा रोहित ने कोई भी शॉट आत्मविश्वास से नहीं खेला।
सैम करन की छह गेंदों पर एक भी रन न मिलने के बाद वह आदिल राशिद का सामना भी नहीं कर पाए। विल जैक्स ने उनकी पारी का अंत कर दिया, जब उनका स्वीप शॉट बल्ले के ऊपरी किनारे से लगकर जोस बटलर के लिए एक आसान कैच में बदल गया।
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जोफ्रा आर्चर (10 ओवर में 47 रन देकर तीन विकेट) के घातक स्पेल से भारतीय टीम का मध्यक्रम बुरी तरह लड़खड़ा गया जिसमें 26 गेंद में 15 रन के अंदर चार विकेट गिर गए। एटकिंसन ने 50 रन देकर तीन विकेट जबकि साकिब महमूद ने 52 रन देकर दो विकेट लिए।
कोहली की 66 गेंद की पारी में आठ चौके शामिल थे जिनमें आर्चर की गेंद पर लगाया गया ‘बैक-ड्राइव’ सबसे खूबसूरत था।
उप-कप्तान श्रेयस अय्यर भारत के लिए बल्लेबाजी के नायक साबित हुए जिन्होंने 71 गेंद में पांच चौके और दो छक्के लगाए। उन्होंने शॉर्ट पिच गेंदों का अच्छी तरह सामना किया, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें ज्यादा साथ नहीं मिला। उन्होंने आर्चर की गेंद पर छक्के के साथ अर्धशतक पूरा किया।
इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने टॉस जीतकर क्षेत्ररक्षण करने का फैसला किया। भारतीय कप्तान शुभमन गिल (30 गेंद में 31 रन) ने छह चौके जड़े। एटकिंसन की गेंद को हवा में खेलकर गिल कैच आउट हो गए।
ईशान किशन (एक) की तकनीक से जुड़ी कमियां फिर उजागर हुई जिसमें ज्यादा उछाल वाली गेंदों को खेलने में उनकी अक्षमता भी दिखी। सैम करन की एक साधारण सी बाउंसर पर वह आउट हो गए।
कोहली और अय्यर ने चौथे विकेट के लिए 67 रन की साझेदारी निभाई। लेकिन आर्चर की एक गेंद ने खेल का रूख बदल दिया जो कोहली के बल्ले के ऊपरी हिस्से से छूकर हवा में उछल गई और थर्ड मैन पर खड़े खिलाड़ी ने उनका कैच लपक लिया।
अय्यर शानदार फॉर्म में थे और ऐसा लग रहा था कि उन्होंने शॉर्ट गेंदों का सामना करने के लिए अपने खेल में सुधार किया है। लेकिन वॉशिंगटन सुंदर (02), अक्षर पटेल (01) और शिवम दुबे (00) जैसे बल्लेबाज बेबस नजर आए और भारत का स्कोर सात विकेट पर 194 रन हो गया। इससे भारत की चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचने की उम्मीद खत्म हो गई।
Pic Credit : ANI
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