जेडीएस

देवगौड़ा लड़ेंगे राज्यसभा का चुनाव

पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस के नेता एचडी देवगौड़ा राज्यसभा का चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो गए हैं। वे 87 साल की उम्र में एक बार फिर राज्यसभा के लिए परचा दाखिल करेंगे।

कर्नाटक में भाजपा विधायक बागी हो रहे हैं

कर्नाटक में भाजपा ने कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को बागी बना कर अपनी सरकार बनाई थी। कांग्रेस और जेडीएस के 17 विधायकों ने इस्तीफा दिया था तब भाजपा का बहुमत हुआ था। उसके बाद उपचुनाव में ये नेता भाजपा से जीत कर विधायक बने हैं।

खड़गे और देवगौड़ा राज्यसभा में जाएंगे!

कर्नाटक में इस साल जून में राज्यसभा की चार सीटें खाली हो रही हैं। इनमें से दो सीटें भाजपा को मिलेंगी और एक सीट कांग्रेस को मिलेंगी। अगर कांग्रेस ने समर्थन किया तो जेडीएस को एक सीट मिल सकती है।

विपक्षी एकता की पहल कौन करेगा?

जेडीएस के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने विपक्षी पार्टियों को एकजुट होकर राजनीति करने की अपील की है। पर सवाल है कि यह एकता बनाने की पहल कौन करेगा? पिछले दिनों नागरिकता कानून के बहाने कांग्रेस ने पहल की थी।

भाजपा ने गंवाए पांच राज्य

इस साल भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा में ज्यादा सीटें जीत कर लगातार दूसरी बार केंद्र में सरकार बनाई। इसके बावजूद राज्यों के चुनाव में उसका प्रदर्शन खराब हुआ और एक साल में उसने अपने शासन वाले पांच राज्य गंवाए हैं।

वेणुगोपाल की स्थिति मजबूत हुई

राहुल गांधी ने जब केसी वेणुगोपाल को कांग्रेस में संगठन महासचिव का पद दिया था, तब माना जा रहा था कि वे ज्यादा समय तक नहीं चलेंगे। वे कांग्रेस के संगठन महासचिव के साथ साथ कर्नाटक के कांग्रेस प्रभारी भी हैं, जहां सब कुछ कांग्रेस के खिलाफ हो रहा है।

कर्नाटक में क्या और विधायकों के इस्तीफे होंगे?

कर्नाटक में फिर राजनीतिक अस्थिरता का दौर शुरू होता दिख रहा है। राज्य की 15 विधानसभा सीटों पर पांच दिसंबर को होने वाले उपचुनावों के नतीजे को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा के नेता बहुत भरोसे में नहीं हैं। कहा जा रहा है कि मुकाबला बराबरी का रह सकता है।

कांग्रेस-जेडीएस क्या फिर साथ आएंगे?

महाराष्ट्र के बाद अब सबकी नजर कर्नाटक पर है। पांच दिसंबर को वहां 15 सीटों पर उपचुनाव हो रहा है। इसके नतीजे वहां की राजनीति को पूरी तरह से बदल सकते हैं। एक तरफ भाजपा दावा कर रही है कि वह सभी 15 सीटों पर जीतेगी तो दूसरी ओर कांग्रेस और जेडीएस ने दावा किया है

भाजपा क्यों फिर अछूत हो रही?

यह हैरान करने वाली बात है, लेकिन पूर्ण बहुमत से लगातार दो लोकसभा चुनाव जीतने और ज्यादातर राज्यों में सरकार बनाने के बावजूद भाजपा ज्यादातर पार्टियों के लिए अछूत होती दिख रही है।

गठबंधन के नियम बनाने का समय

ऐसा लग रहा है कि चार दशक पहले जिस तरह से पार्टी में टूट फूट रोकने के लिए दलबदल के नियम बनाए गए और धीरे धीरे उस नियम को मजबूत किया गया उसी तरह अब गठबंधन को नियंत्रित और निर्देशित करने के लिए कुछ नियम बनाने का समय आ गया है।
- Advertisement -spot_img

Latest News

‘चित्त’ से हैं 33 करोड़ देवी-देवता!

हमें कलियुगी हिंदू मनोविज्ञान की चीर-फाड़, ऑटोप्सी से समझना होगा कि हमने इतने देवी-देवता क्यों तो बनाए हुए हैं...
- Advertisement -spot_img