देह, दोष और दृष्टि की राजनीति: ‘एक्यूज्ड’
आज के सिने–सोहबत में हम बात करेंगे हाल ही में आई फ़िल्म ‘एक्यूज्ड’ की, एक ऐसी फ़िल्म जो केवल मनोरंजन नहीं करती, बल्कि दर्शक को असहज प्रश्नों के बीच खड़ा कर देती है। अनुभूति कश्यप द्वारा निर्देशित यह फ़िल्म मनोवैज्ञानिक और सामाजिक परतों से बनी एक जटिल कथा रचने की कोशिश करती है, जहां आरोप, सत्य, लैंगिक राजनीति और रिश्तों की महीन दरारें एक साथ सामने आती हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह फ़िल्म अपनी महत्वाकांक्षा को साध पाती है, या अपने ही विचारों के बोझ तले दब जाती है? करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित इस...