Akhlaq lynching case

  • न्याय भावना को राहत

    उत्तर प्रदेश सरकार ने अख़लाक की हत्या के आरोपियों पर से मुकदमा वापस लेने की अर्जी दी, तो आम जन की न्याय भावना आहत हुई। यह बड़ी राहत की बात है कि जिला न्यायालय ने उस अर्जी को ठुकरा दिया है। ग्रेटर नोएडा के बीसड़ा गांव में सितंबर 2015 में भीड़ ने फ्रीज में बीफ रखने के शक पर मोहम्मद अख़लाक की पीट-पीट कर हत्या की, जो जाहिरा तौर पर उन्होंने कानून की धज्जियां उड़ाईं। यह तो निर्विवाद कहा जा सकता है कि उन्होंने कानून अपने हाथ में लिया। बीफ रखना गैर-कानूनी है और फिर भी शक हो कि किसी...

  • अखलाक लिंचिंग मामले में यूपी की याचिका खारिज

    नई दिल्ली। कोई 10 साल पहले पूरे देश की चेतना को झकझोरने वाले अखलाक मॉब लिंचिंग कांड में उत्तर प्रदेश की सरकार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा समाप्त कराने के लिए अदालत पहुंची थी। लेकिन अदालत ने यूपी सरकार की याचिका को खारिज कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा के सूरजपुर की कोर्ट में सरकार ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की याचिका लगाई थी। अदालत ने कहा कि केस वापसी के लिए लगाई गई अर्जी में कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है। साथ ही अदालत ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ चल रही कानूनी न्यायिक प्रक्रिया...