Anil Agarwal

  • अनिल अग्रवाल ने दूसरा मोर्चा खोला

    वेदांता के मालिक अनिल अग्रवाल चुप नहीं बैठ रहे हैं। एक तरफ उनको घेरने और कमजोर करने के प्रयासों की खबर आ रही है तो दूसरी ओर वे नया मोर्चा खोल रहे हैं। पिछले दिनों छत्तीसगढ़ में वेदांता के थर्मल पावर प्लांट में विस्फोट हो गया था, जिसमें 25 लोगों की मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ तो नाम लेकर अनिल अग्रवाल को आरोपी बनाया गया। कई कारोबारी हस्तियों ने इस पर सवाल उठाए। अब खुद अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया में एक लंबी पोस्ट लिख कर एक नया मोर्चा खोला...

  • अनिल अग्रवाल निशाने पर, बचाव में उतरे जिंदल, बेदी

    वेदांता समूह के मालिक अनिल अग्रवाल निशाने पर हैं। असल में अब तक मोदी भक्ति करते रहे अनिल अग्रवाल ने पिछले दिनों सरकार की दुखती नस पर हाथ रख दिया था। उन्होंने जेपी समूह का अधिग्रहण अडानी समूह द्वारा किए जाने को चुनौती दी थी। वे अदालत पहुंचे थे, जहां उन्होंने कहा कि उनकी बोली बड़ी थी इसके बावजूद अडानी समूह को कंपनी सौंप दी गई। हालांकि कोर्ट से भी उनको कोई राहत नहीं मिली। उसके बाद ही तय हो गया था कि अब उनके ऊपर किसी न किसी रूप में गाज गिरेगी। संयोग ऐसा हुआ कि इस घटना के...

  • अनिल अग्रवाल का साहस बडा देर से लौटा!

    वेदांता समूह के मालिक अनिल अग्रवाल पहली पीढ़ी के कारोबारी हैं और खरबपति हैं। बिहार के पटना से निकल कर उन्होंने लंदन तक का लंबा सफर किया है। वे देश के बड़े और प्रतिष्ठित उद्योगपति हैं और बिहार छोड़ कर देश के अनेक राज्यों में उनके उद्योग और कारोबार हैं। उन्होंने दुनिया की जानी मानी कंपनी फॉक्सकॉन के साथ मिल कर गुजरात में सेमींकंडक्टर का साझा उद्यम लगाया है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चहेते उद्योगपतियों में माने जाते रहे हैं या यह भी कह सकते हैं कि अपनी तरफ से उन्होंने बहुत कोशिश की है कि वे चहेते बने...

  • अनिल अग्रवाल की पोस्ट से चर्चा तो शुरू हुई

    वेदांता समूह के अनिल अग्रवाल ने जेपी एसोसिएट्स के सौदे को लेकर जो पोस्ट लिखी है उसका नतीजा पता नहीं क्या होगा लेकिन कम से कम उस पर चर्चा तो शुरू हो गई है। इससे दिवालिया संहिता यानी आईबीसी के तहत होने वाले सौदों और कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स के कामकाज और एनसीएलटी व एनसीएलएटी में होने वाली सुनवाइयों की ओर लोगों का ध्यान तो गया है। गौरतलब है कि जेपी एसोसिएट्स के ऊपर 57 हजार करोड़ रुपए का कर्ज था। यह कर्ज 14,535 करोड़ रुपए में सेटल हो रहा है। यानी बैंकों को 57 हजार करोड़ रुपए के बदले में...