असम में भाजपा ने बड़ी ताकत लगाई है
असम में क्या भाजपा को किसी तरह की चिंता दिख रही है? कायदे से तो नहीं दिखना चाहिए क्योंकि परिसीमन के बाद मुस्लिम बहुल सीटों की संख्या 39 से घट कर 22 रह गई है। इन 22 सीटों में भी कांग्रेस के साथ बदरूद्दीन अजमल की पार्टी की घमासान लड़ाई है। असदुद्दीन ओवैसी भी अजमल की पार्टी की मदद के लिए पहुंच गए हैं। राज्य की बाकी 104 सीटों में भाजपा के लिए जीत आसान मानी जाती है। इसके बावजूद भाजपा जितनी मेहनत कर रही है और जिस तरह के एजेंडे उठाए जा रहे हैं उनसे लग रहा है कि...