मनोज कैसे बने भारत कुमार?
मनोज कुमार को हिंदी सिनेमा का जो पहला भारत कुमार कहा जाता है उसकी नींव प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के साथ उनकी बातचीत में पड़ गई थी। शास्त्री जी ने उनसे कहा था कि हमारे जवानों और किसानों में ही तो भारत बसता है। यहीं से मनोज को सूझा कि यह जो फ़िल्म बनेगी उसके नायक का नाम भारत होगा। वे ट्रेन से लौटे और मुंबई पहुंचने तक उन्होंने ‘उपकार’ की कहानी भी लिख डाली। हालांकि जैसे बटुकेश्वर दत्त अपना पुरस्कार लेने के लिए जीवित नहीं रहे उसी तरह शास्त्री जी भी अपनी सुझाई फ़िल्म नहीं देख पाए। परदे से उलझती...