बघेल की हैसियत घटाई गई
पंजाब में विधानसभा चुनाव में छह महीने से भी कम रह गए हैं और कांग्रेस ने प्रभारी बदल दिया है। हाल के दिनों में कांग्रेस में नए संकटमोचन के तौर पर उभरे छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पंजाब से हटा कर असम में भेज दिया है, जहां इसी साल मई में चुनाव हुए हैं। इसका अर्थ है कि उनको ठंडे बस्ते में डाला गया है। जिस प्रदेश में पांच साल बाद चुनाव होने हैं और लोकसभा चुनाव भी लगभग तीन साल दूर हैं, वहां के प्रभारी का कोई खास मतलब नहीं होता है। लेकिन बड़ा सवाल यह है...