बिहार में रूका मंत्रिमडल विस्तार

बिहार में सरकार बनने के एक महीने के बाद भी मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हो सका है। इसे लेकर चल रही अटकलों को विराम देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया है कि भाजपा की वजह से मंत्रिमंडल का विस्तार रूका हुआ है।

बिहार सरकार ठप्प पड़ी है

बिहार में सरकार बने एक महीना होने जा रहा है। 10 नवंबर को आए चुनाव नतीजों के छह दिन बाद 16 नवंबर को सरकार बनी थी। लेकिन पिछले एक महीने से सरकार पूरी तरह से ठप्प है।

बिहार में अनलॉक-4 शुरू

बिहार सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य में भी अनलॉक-4 की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश आज जारी कर दिया।

बिहार सरकार बला टालने में लगी है

हो सकता है कि और भी राज्य सरकारें नहीं चाहती हों कि उनके यहां के जो लोग बाहर हैं, दूसरे राज्यों में काम करने या पढ़ाई के लिए गए हैं वे वापस लौटें पर बिहार के अलावा किसी दूसरे राज्य ने इतनी बेशर्मी से अपने यहां के लोगों को घर लौटने से रोकने का प्रयास नहीं किया है।

यूपी से नाराज बिहार सरकार!

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुछ इलाकों से पलायन करने वाले मजदूरों को बस में भर कर बिहार तक भेजे जाने से बिहार सरकार नाराज है। बिहार सरकार के मंत्री संजय झा ने इसके लिए उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकार से नाराजगी जताई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि देश में लागू लॉकडाउन फेल हो गया है। संजय झा ने कहा है कि कुछ लोगो ने जान बूझकर इसे फेल किया है। नीतीश कुमार सरकार में मंत्री संजय झा ने बेहद कड़े शब्दों में सोमवार को कहा कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए लागू किया गया लॉकडाउन नाकाम हो चुका है, और इसके लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ज़िम्मेदार है। लॉकडाउन के नाकाम होने उन्होंने कहा- लॉकडाउन का मकसद था, जो जहां है, वहीं रहे और इसी को ध्यान में रखकर हमने सभी इंतज़ाम किए थे, और नीतीश कुमार ने एक सौ करोड़ रुपए भी आवंटित किए थे लेकिन दिल्ली के आनंद विहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न भागों से विशेष बसों की व्यवस्था की गई, लोगों को बिहार के सीमाई जिलों तक पहुंचाया गया, हज़ारों की तादाद में लोगों को यहां उतारा गया।… Continue reading यूपी से नाराज बिहार सरकार!

बिहार : बाहर से आ रहे लोग सरकार के लिए बने चुनौती

पटना। उत्तर प्रदेश के रास्ते मजदूरों का बिहार पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। मजदूरों की यह संख्या बिहार सरकार के लिए चुनौती बन गई है। सरकार ने आने वालों के लिए शिविर बनाए हैं तथा वह उन्हें उनके गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था कर रही है। उनकी जांच भी करवाई जा रही है। बाहर से आने वालों को 14 दिनों बाद ही उनके घर में प्रवेश मिलेगा। बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के रास्ते बिहार के सीमावर्ती शहरों में 45,000 से अधिक लोग पहुंच चुके हैं और सोमवार शाम तक एक लाख से अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा के पूर्व से ही राज्य सरकार सभी एहतियाती कदम उठा रही थी। इसके बाद लॉकडाउन की घोषणा और कोरोना के मरीजों के मिलने के बाद गांवों तक में लोगों को क्वोरंटीन रखने के लिए सरकारी भवनों को तैयार करने का निर्देश दिया गया। इस बीच, दिल्ली के प्रवासी मजदूरों के कारण सरकार के सामने नई चुनौती आ गई है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रवासी मजदूरों के बिहार वापस भेजे जाने पर अपनी नाराजगी जताई थी। बिहार आपदा विभाग… Continue reading बिहार : बाहर से आ रहे लोग सरकार के लिए बने चुनौती

बिहार देगा हजार-हजार रु

पटना। बिहार सरकार कोरोना वायरस के संकट के समय राशन कार्डधारकों को एक हजार रुपए की नकद राशि देगी। राज्य सरकार ने इससे पहले राशन कार्डधारकों को एक-एक महीने का राशन मुफ्त देने की घोषणा भी की थी। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने के लिए हुए लॉकडाउन को देखते हुए सभी राशन कार्डधारी परिवारों को एक-एक हजार रुपए की राशि दी जाएगी। नीतीश ने कहा कि यह राशि डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में सीधी भेजी जाएगी। इस बीच राज्य के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि भाजपा के सारे विधायक एक महीने का वेतन राहत कोष में दान करेंगे।

नीतीश की इंजीनियरिंग काम करेगी या नहीं?

बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार सोशल इंजीनियरिंग में माहिर नेता हैं। उन्होंने अपने छोटे से वोट आधार को बहुत बड़े जनादेश में तब्दील किया हुआ है। बिहार जैसे जाति से प्रभावित होने वाले राज्य में नीतीश कुमार अपनी जाति को दो-तीन फीसदी वोट के आधार पर पिछले 15 साल से सरकार में हैं।

बिहार में अब गणतंत्र दिवस की झांकी पर सियासत

गणतंत्र दिवस परेड में ‘जल जीवन हरियाली अभियान’ पर आधारित बिहार सरकार की झांकी के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया है। प्रस्ताव के खारिज होने के साथ ही तय हो गया है

बिहार में 523 चिकित्साकर्मियों की होगी बहाली

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राजधानी के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) समेत अन्य अस्पतालों में चिकित्सीय, प्रशासनिक, तकनीकी एवं गैर तकनीकी स्तर पर 523 कर्मियों को बहाल करने का निर्णय लिया है।

पटना में खुलेगा ‘सीडैक’ सेंटर

पटना। बिहार सरकार ने देश का पहला सुपर कंप्यूटर बनाने वाले संस्थान ‘सीडैक’ (प्रगत संगणन विकास केंद्र) का एक केंद्र पटना में शुरू करने के लिए सहायक अनुदान के रूप में सीडैक, पुणे को 65.55 करोड़ रुपए उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी। सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव ने बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद बताया कि सरकार ने पटना में सीडैक की स्थापना के लिए राज्य सरकार की ओर से सीडैक, पुणे को सहायक अनुदान के रूप में 65 करोड़ 55 लाख रुपये उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। सचिव ने बताया कि सितंबर, 2017 में सूचना प्रावैधिकी के एक बड़े कार्यक्रम में यह प्रस्ताव था कि सीडैक का शोध एवं विकास केंद्र पटना में भी स्थापित किया जाए। इस दिशा में यह कदम उठाया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार राजस्व सहयोग के रूप में पांच साल में उपर्युक्त राशि उसे देगी।

सामाजिक ताने-बाने को समाप्त कर रही बिहार सरकार: तेजस्वी

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार पर एक जिलाधिकारी के पत्र के बहाने आज निशाना साधा है।

बिहार: बाढ़ पीड़ित परिवारों को भेजे गए 6000 रुपये

बिहार में बाढ़ और जलजमाव से प्रभावित 2.27 लाख से ज्यादा परिवारों को प्रति परिवार छह-छह हजार रुपये का भुगतान किया गया। इसका शुभारंभ सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने माउस क्लिक कर किया।

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