कर्नाटक भाजपा में विवाद नहीं थमेगा

कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री बदल दिया है। बीएस येदियुरप्पा को हटा कर उनकी सलाह पर बासवराज बोम्मई को मुख्यमंत्री बनाया गया है। वे भी लिंगायत समुदाय के नेता हैं।

Karnataka के गृहमंत्री बसवराज बोम्मई अब होंगे राज्य के नए CM, कल ले सकते हैं शपथ

बेंगलुरु | Karnataka New CM Basavaraj Bommai: कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर मची सियासी हलचल मंगलवार शाम को समाप्त हो गई। अब कर्नाटक के गृहमंत्री बसवराज बोम्मई (Basavaraj Bommai) राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे। कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी की विधायक दल की बैठक में यह अहम फैसला लिया गया है। बसवराज एस बोम्मई कल मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। भाजपा की इस बैठक में राज्य के कार्यवाहक मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा (BS Yediyurappa), केंद्रीय पर्यवेक्षक धर्मेंद्र प्रधान और किशन रेड्डी शामिल हुए। लिंगायत समुदाय से आने वाले बोम्मई को येदियुरप्पा का करीबी माना जाता है। येदियुरप्पा ने भी इस्तीफा सौंपने के बाद भाजपा आलाकमानों को राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर बोम्मई का नाम ही आगे रखा था। बोम्मई को मुख्यमंत्री पद के लिए चुने जाने पर बीएस येडियुरप्पा ने खुशी जताते हुए कहा कि, हमने सर्वसम्मति से बसवराज एस बोम्मई को भाजपा विधायक दल का नेता चुना है। मैं पीएम मोदी को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं। पीएम के नेतृत्व में, बोम्मई कड़ी मेहनत करेंगे। Karnataka BJP Legislative Party elected Basavaraj S Bommai as Chief Minister of the State pic.twitter.com/Arrm4PiHTs — ANI… Continue reading Karnataka के गृहमंत्री बसवराज बोम्मई अब होंगे राज्य के नए CM, कल ले सकते हैं शपथ

भाजपा के कांग्रेसीकरण की शुरूआत ! जो समझा वो रहा, नहीं समझने वाले गया…

येदियुरप्पा दिल्ली में थे और वो उस दौरान भाजपा के शीर्ष नेताओं के दरबान के चक्कर लगा रहा थे. इस दौरान भी इस बात की चर्चा जोरों पर थी कि उनका इस्तीफा मांगा गया है

कर्नाटक के मुख्यमंत्री BS Yediyurappa ने पद से दिया इस्तीफा, कौन होगा अलगा CM आज शाम चलेगा पता!

नई दिल्ली | BS Yediyurappa Resign CM Post: कर्नाटक में मुख्यमंत्री (Karnataka CM) के इस्तीफे को लेकर कई दिनों से चल रही अटकलों पर आज बीएस येडियुरप्पा (BS Yediyurappa) विराम लगा दिया है। मुख्यमंत्री येडियुरप्पा ने आज सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अब शाम 4 बजे येडियुरप्पा राज्यपाल से मुलाकात करने जा रहे हैं। येडियुरप्पा ने अपनी सरकार के दो साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में इस बात की जानकारी दी है। बीएस येडियुरप्पा ने कल रविवार को कहा था कि वो सीएम पद पर रहेंगे या नहीं, सभी को इसका पता 26 जुलाई को चल जाएगा। ये भी पढ़ें:- खो गया है वोटर आईडी कार्ड तो घबराने की जरूरत नहीं इस आसान तरीके से घर बैठे करें डाउनलोड कौन होगा अलगा सीएम आज शाम चलेगा पता! सूत्रों के अनुसार, येदियुरप्पा गृह मंत्री बसवराज बोम्मई को अगला सीएम बनाने के पक्ष में हैं। जबकि केंद्रीय नेतृत्व मुर्गेश निराणी और प्रह्लाद जोशी में से किसी को कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनाना चाहता है। अब कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा आज शाम तक इसपर फैसला हो जाएगा। BS Yediyurappa Resign CM Post: गौरतलब है कि, येडियुरप्पा के मुख्यमंत्री पद छोड़ने को लेकर लंबे समय से चर्चाएं हो रही… Continue reading कर्नाटक के मुख्यमंत्री BS Yediyurappa ने पद से दिया इस्तीफा, कौन होगा अलगा CM आज शाम चलेगा पता!

येदियुरप्पा का उत्तराधिकारी कौन तय करेगा?

कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदला जाना तय हो गया है। लेकिन अभी यह तय नहीं है कि बीएस येदियुरप्पा की जगह कौन लेगा। यह भी तय नहीं है कि पहले की तरह येदियुरप्पा को अपना उत्तराधिकार चुनने की इजाजत होगी

लिंगायत मठों की भाजपा को चेतावनी, येदियुरप्पा हटे तो कष्ट भोगना पड़ेगा

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को हटाए जाने की अटकलों के बीच कर्नाटक में राजनीतिक और सामाजिक रूप से बेहद प्रभावशाली लिंगायत समुदाय के मठाधीशों ने भाजपा को चेतावनी दी है।

येदियुरप्पा पर विधायकों की रायशुमारी!

बेंगलुरु। कर्नाटक में वैसे तो भाजपा की ओर से कहा गया है कि बीएस येदियुरप्पा मुख्यमंत्री बने रहेंगे लेकिन उनको लेकर पार्टी के प्रभारी महासचिव अरुण सिंह विधायकों की राय ले रहे हैं। अरुण सिंह पार्टी के विधायकों और नेताओं से अलग अलग मिल रहे हैं। इस बीच पार्टी के एक विधायक एच विश्वनाथ ने अरुण सिंह से कहा कि उम्र और सेहत की वजह से येदियुरप्पा में अब वह जज्बा नहीं बचा कि वे राज्य में मजबूती से सरकार चला सकें। गौरतलब है कि पार्टी के प्रभारी अरुण सिंह बुधवार शाम को बेंगलुरु पहुंचे थे और येदियुरप्पा व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नलिन कुमार कतील के साथ मंत्रियों से पहले ही मुलाकात की थी। इसके बाद गुरुवार को उन्होंने भाजपा कार्यालय जगन्नाथ भवन में विधायकों से मुलाकात शुरू की। विधायकों से बातचीत को गोपनीय रखा जा रहा है लेकिन कई विधायकों ने खुद ही मीडिया को बताया कि उन्होंने प्रभारी को क्या फीडबैक दिया है। बहरहाल, प्रभारी अरुण सिंह के विधायकों और नेताओं से अलग-अलग मुलाकात करने के बीच येदियुरप्पा के समर्थन वाले खेमे में गतिविधियां बढ़ गईं। जानकार सूत्रों के मुताबिक एकजुटता का प्रदर्शन करने के लिए बासवराज एस बोम्मई, जेसी मधुस्वामी और एस अंगारा सहित कई नेता और… Continue reading येदियुरप्पा पर विधायकों की रायशुमारी!

येदियुरप्पा और योगी का फर्क

भाजपा के दो मुख्यमंत्रियों के रवैए और तेवर की इन दिनों बड़ी चर्चा हो रही है। पार्टी के अंदर नेताओं में इन दो मुख्यमंत्रियों के फर्क की भी चर्चा है। एक मुख्यमंत्री हैं योगी आदित्यनाथ और दूसरे हैं बीएस येदियुरप्पा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री और पार्टी आलाकमान के खिलाफ एक तरह से टकराव वाला तेवर अख्तियार किया है तो दूसरी ओर येदियुरप्पा ने अपनी पकड़ बनाए रखते हुए सरेंडर वाले तेवर दिखाए हैं। येदियुरप्पा के समर्थन में राज्य के ज्यादातर विधायक हैं और सामाजिक समीकरण के लिहाज से भी वे बहुत मजबूत हैं। वे अपनी ताकत पार्टी आलाकमान को पहले दिखा चुके हैं। इसके बावजूद उन्होंने कहा है कि पार्टी आलाकमान चाहे तो वे मुख्यमंत्री का पद छोड़ने को तैयार हैं। उनको पता है कि ऐसी नौबत नहीं आएगी और जब आएगी तब वे ताकत दिखाएंगे लेकिन उससे पहले उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को अहम तो संतुष्ट कर दिया है। दूसरी ओर योगी आदित्यनाथ ने टकराव वाला तेवर अख्तियार किया है, जबकि राज्य में आठ महीने बाद चुनाव हैं और पार्टी की ओर से उनको हटाने की भी चर्चा नहीं है। सिर्फ इस बात की चर्चा थी कि अरविंद शर्मा सहित कुछ लोगों को मंत्री… Continue reading येदियुरप्पा और योगी का फर्क

क्षत्रपों को मजबूत करेगी भाजपा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्र में सात साल तक एकछत्र राज करने के बाद अब लग रहा है कि संघ और भाजपा की रणनीति बदल रही है। अब पार्टी राज्यों में अपने क्षत्रपों को मजबूत करने की योजना पर काम कर रही है। तभी उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के चेहरे पर चुनाव लड़ने की बात निकली है। इससे पहले भी भाजपा अपने मुख्यमंत्रियों के चेहरे पर लड़ती रही है और उसमें अपेक्षाकृत अच्छी सफलता मिली है। जैसे महाराष्ट्र में पार्टी दूसरा चुनाव देवेंद्र फड़नवीस के चेहरे पर लड़ी थी, झारखंड में रघुवर दास और हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर के चेहरे पर लड़ी। गुजरात में भी पार्टी ने विजय रूपानी को मुख्यमंत्री का दावेदार बता कर चुनाव लड़ा था। इनमें हरियाणा और गुजरात में पार्टी जीती। महाराष्ट्र में सरकार नहीं बनने का कारण दूसरा रहा पर पार्टी का प्रदर्शन अच्छा रहा और झारखंड में भी पार्टी ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। यह भी पढ़ें: मोदी का चेहरा बचाना या कुछ और बात? तभी कहा जा रहा है कि जिन प्रदेशों में भाजपा के पास मजबूत नेता हैं उनको आगे बढ़ाया जाएगा। पार्टी नेतृत्व और संघ की ताकत उनके पीछे लगेगी। पार्टी को लग रहा है कि उनके जरिए ही… Continue reading क्षत्रपों को मजबूत करेगी भाजपा

येदियुरप्पा के पीछे कौन पड़ा है?

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने इस बार पता नहीं किस ग्रह-नक्षत्र में शपथ ली, जो मुश्किलें उनका पीछा नहीं छोड़ रही हैं। कांग्रेस और जनता दल एस की साझा सरकार गिरा कर उन्होंने अपनी सरकार बनाई थी। यह भी हकीकत है कि पार्टी आलाकमान की योजना में वे फिट नहीं बैठ रहे थे क्योंकि उनकी उम्र में 75 साल से ज्यादा हो गई है और दूसरे वे स्वतंत्र क्षत्रप हैं, जो आलाकमान की पकड़ से काफी हद तक मुक्त हैं। तभी जब से वे मुख्यमंत्री बने हैं तब से यह सवाल उठ रहा है कि वे कार्यकाल पूरा कर पाएंगे या नहीं। अब ताजा विवाद उनके बेटे बीवाई विजयेंद्र को लेकर उठा है। उनकी सरकार के पर्यटन मंत्री सीपी योगेश्वर ने परोक्ष रूप से उनके बेटे को निशाना बनाते हुए कहा कि सरकार के कामकाज में दखल दे रहे हैं। ध्यान रहे बीवाई विजयेंद्र प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष हैं। उनको लेकर पार्टी के दूसरे नेताओं ने भी सवाल उठाया था। पार्टी के वरिष्ठ विधायक बासनगौड़ा पाटिल यतनाल ने भी उनके ऊपर आरोप लगाया था कि वे सरकार के कामकाज में दखल दे रहे हैं। इससे पहले पार्टी के कई विधायकों ने मुख्यमंत्री के ऊपर कई तरह के आरोप लगाए… Continue reading येदियुरप्पा के पीछे कौन पड़ा है?

येदियुरप्पा मंत्रिमंडल का विस्तार कब?

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को समय मिल गया है। मलमास शुरू होने के नाम पर उन्होंने मंत्रिमंडल का विस्तार टाल दिया है। अब 14 जनवरी से पहले कोई भी उनको सरकार के विस्तार के लिए नहीं कहेगा। सबको पता है कि येदियुरप्पा ज्योतिषों की सलाह के बगैर एक कदम नहीं उठाते हैं।

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