नीतीश की चिंता में भाजपा की कार्रवाई

बिहार विधान परिषद में भाजपा के विधायक टुन्ना जी पांडेय ने वहीं बात कही थी तो बिहार भाजपा के तमाम नेता अनौपचारिक बातचीत में कहते हैं। सबका कहना है कि चुनाव के बाद नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहिए था क्योंकि उनकी पार्टी विधानसभा में तीसरे नंबर की पार्टी है। उनकी पार्टी के सिर्फ 43 विधायक जीते थे। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद सबसे बड़ी पार्टी बनी थी और उसे 75 सीटें मिली थीं। यहीं बात टुन्ना जी पांडेय ने कह दी। उन्होंने कहा कर चुनाव तो तेजस्वी जीते थे लेकिन परिस्थितियों के कारण नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री की कुर्सी मिल गई। उनके इस बयान के लिए भाजपा ने उनको पार्टी से निकाल दिया है।  भाजपा के नेताओं का कहना है कि पार्टी नीतीश कुमार की भावनाओं को लेकर इन दिनों कुछ ज्यादा ही संवेदनशील हो गई है। जब से लालू प्रसाद जेल से बाहर निकले हैं और जदयू नेताओं के उनके संपर्क में होने की खबरें आई हैं तब से भाजपा ज्यादा सावधान हो गई है। ऊपर से भाजपा-जदयू सरकार के दो सहयोगी, जीतन राम मांझी और मुकेश साहनी अलग तेवर दिखा रहे हैं। तभी टुन्ना जी पांडेय ने बयान दिया और आनन-फानन में पार्टी ने उनके… Continue reading नीतीश की चिंता में भाजपा की कार्रवाई

गिरिराज के बयान से नीतीश नाराज

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अपने बयान से एक बार फिर विवाद खड़ा कर दिया है। इस बार उनके बयान से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी नाराज हैं। नीतीश ने उनके बयान पर अपनी नाराजगी रविवार को सार्वजनिक भी कर दी।

आलोचना कैसे हो बर्दाश्त!

नीतीश कुमार पिछले चुनाव अभियान के समय से आपा खोते रहे हैं। विधानसभा के पिछले सत्र के दौरान वे विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव से तू तू- मैं मैं पर उतर आए थे।

सच के सामने नीतीश

कहा जाता है कि जीवन काल में ही इनसान को अपने हर सच का सामना करना पड़ता है। ऐसा लगता है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जीवन में अपने सच से रू-ब-रू होने का वक्त आ गया है।

नीतीश ने क्या दांव चला है?

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने करीबी नेता, राज्यसभा सांसद और पूर्व आईएएस अधिकारी रामचंद्र प्रसाद सिंह यानी आरसीपी सिंह को अपनी पार्टी जनता दल यू का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया है।

नीतीश समय का इंतजार करेंगे

बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार अपनी सहयोगी पार्टी भाजपा के रवैए से आहत हैं। भाजपा ने बिहार में बहुत गहरा घाव देने के बाद अब अरुणाचल प्रदेश में नीतीश को बड़ा झटका दिया है।

असम गण परिषद भी विरोध में उतरी

नई दिल्ली। अब तक नागरिकता कानून में संशोधन के मसले पर केंद्र सरकार का साथ दे रही उसकी सहयोगी पार्टी असम गण परिषद भी अब इसके विरोध में उतर आई है। इससे पूर्वोत्तर में जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच भाजपा को बड़ा झटका लगा है। असम गण परिषद ने नागरिकता कानून के विरोध में पूर्वोत्तर में चल रहे आंदोलनों का समर्थन करने का ऐलान किया है। असम गण परिषद ने वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक के बाद यह फैसला किया है। पार्टी ने यह भी कहा है कि वो नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगी। इस मुद्दे पर असम गण परिषद की एक टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मिलेगी। गौरतलब है कि असम गण परिषद भाजपा के नेतृत्व वाली असम सरकार का भी हिस्सा है और राज्य की कैबिनेट में उसके तीन मंत्री भी हैं। इससे पहले असम गण परिषद ने संसद में नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन किया था। उसके बाद पार्टी में ही इसका विरोध शुरू हो गया था और पार्टी दो हिस्सों में बंट गई थी। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। बहरहाल, अगप से पहले ऑल असम… Continue reading असम गण परिषद भी विरोध में उतरी

केजरीवाल से जुड़े प्रशांत किशोर

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी से लेकर नीतीश कुमार और अखिलेश यादव से लेकर जगन मोहन रेड्डी तक के लिए चुनाव प्रबंधन का काम कर चुके जनता दल यू के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर की एजेंसी आई-पैक अब दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के लिए काम करेगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्विट करके इसकी जानकारी दी है। केजरीवाल ने शनिवार सुबह इसकी जानकारी देते हुए एक ट्विट किया। उन्होंने लिखा- ये बताते हुए खुशी हो रही है कि इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी, आई-पैक हमारे साथ आ रही है। आपका स्वागत है। गौरतलब है कि आई-पैक प्रशांत किशोर की एजेंसी है, जो औपचारिक रूप से राजनीतिक दलों का चुनाव प्रचार करती है। अब दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर आम आदमी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिन से नागरिकता कानून को लेकर प्रशांत किशोर का अपनी पार्टी से टकराव चल रहा है। उन्होंने नागरिकता कानून का समर्थन करने के पार्टी के स्टैंड पर सवाल उठाया है। इसके बाद पार्टी नेता आरसीपी सिंह ने उनको अनुकंपा के आधार पर जदयू में आने वाला नेता बताते हुए कहा कि वे चाहें तो पार्टी छोड़ सकते हैं। इस विवाद के बीच शनिवार को प्रशांत किशोर मुख्यमंत्री… Continue reading केजरीवाल से जुड़े प्रशांत किशोर

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