लवली और चौहान क्या से क्या हो गए!
बहुत पहले कहीं पढ़ा था कि खबर को प्रस्तुत करने के तरीके से उसका अर्थ बदल सकता है। जैसे अमेरिका और रूस के धावक की रेस लगी, जिसमें अमेरिकी धावक जीत गया, इस सामान्य सी खबर को रूस में मीडिया कैसे छापेगा? रूस में यह खबर ऐसे छप सकती है कि रूसी धावक दूसरे स्थान पर रहा और अमेरिकी धावक हारने वाले सिर्फ एक स्थान आगे था। इसमें तथ्यात्मक रूप से कुछ भी गलत नहीं है लेकिन इसका अर्थ बदल गया है। ऐसी ही खबर रविवार, तीन अगस्त को अखबारों में देखने को मिली। लगभग सभी अखबार ने इस खबर...