Delhi politics

  • लवली और चौहान क्या से क्या हो गए!

    बहुत पहले कहीं पढ़ा था कि खबर को प्रस्तुत करने के तरीके से उसका अर्थ बदल सकता है। जैसे अमेरिका और रूस के धावक की रेस लगी, जिसमें अमेरिकी धावक जीत गया, इस  सामान्य सी खबर को रूस में मीडिया कैसे छापेगा? रूस में यह खबर ऐसे छप सकती है कि रूसी धावक दूसरे स्थान पर रहा और अमेरिकी धावक हारने वाले सिर्फ एक स्थान आगे था। इसमें तथ्यात्मक रूप से कुछ भी गलत नहीं है लेकिन इसका अर्थ बदल गया है। ऐसी ही खबर रविवार, तीन अगस्त को अखबारों में देखने को मिली। लगभग सभी अखबार ने इस खबर...

  • दिल्ली की राजनीति से गायब केजरीवाल

    आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल गायब हैं। दिल्ली विधानसभा का चुनाव हारने के बाद पिछले तीन महीने से वे लापता हैं। उनकी पार्टी को हारी ही वे खुद भी चुनाव हार गए तो विधानसभा की कार्रवाई में हिस्सा लेने की भी बाध्यता नहीं है। फरवरी में चुनाव हारने के बाद से पिछले तीन महीने में वे दो बार पार्टी की बैठक में शामिल हुए और उसके अलावा बेटी की शादी को लेकर उनकी खबरें और तस्वीरें आईं। दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में उन्होंने बेटी की शादी के जुड़े कुछ कार्यक्रम किए थे और शादी की रस्में...

  • दिल्ली में कांग्रेस फिर निष्क्रिय हो गई

    कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली में विधानसभा का चुनाव अकेले लड़ा था। उसे छह फीसदी से कुछ ज्यादा वोट मिले थे और कांग्रेस के वोट में दो फीसदी से कुछ ज्यादा की बढ़ोतरी को आम आदमी पार्टी की हार का मुख्य कारण माना गया था। उस समय कहा गया था कि अब कांग्रेस स्वतंत्र राजनीति करेगी और एक बार आम आदमी पार्टी को गद्दी से उतारने के बाद वह उसकी जगह ले लेगी। यानी कांग्रेस अपना खोया हुआ वोट आधार वापस हासिल कर लेगी। लेकिन चुनाव नतीजे आए हुए दो महीने से ज्यादा हो गए हैं और कांग्रेस पार्टी कहीं भी...

  • सीएम की पत्नी बनाम सीएम के पति

    अभी तक मुखिया पति, सरपंच पति सुनने को मिल रहा था। कहीं कहीं विधायक पति और सांसद पति भी देखे जा रहा था। स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू होने के बाद अचानक महिला प्रतिनिधियों की संख्या बढ़ी, जिनमें से ज्यादातर घरेलू महिलाएं थीं, जिनके पति नेता था। तो प्रतिनिधि चुने जाने के बाद महिलाओं की जगह उनके पति ही प्रधान बन कर काम करते थे। पिछले दिनों छत्तीसगढ़ से तो यह खबर आई थी कि महिला प्रतिनिधियों की जगह उनके पतियों ने ही पद और गोपनीयता की शपथ ले ली। अब यह मुखिया और सरपंच से बढ़...

  • दिल्ली में आप को याद किया जाने लगा

    राजधानी दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बने अभी दो महीने नहीं हुए हैं लेकिन लोग आम आदमी पार्टी की सरकार को याद करने लगे हैं। लेकिन सबको पता है कि अभी कुछ नहीं हो सकता है क्योंकि चुनाव पांच साल बाद होंगे और तब तक हो सकता है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार स्थिति को बेहतर ढंग से संभाल ले। लेकिन अभी ऐसा लग रहा है कि कुछ चीजें बेलगाम हो गई हैं। जैसे बिजली कटौती का मामला है। गर्मियां बढ़ते ही बिजली जाने लगी है। सरकार कह रही है कि स्थानीय स्तर पर रिपेयर और मेंटेनेंस...