उपचुनाव में कांग्रेस किसे देगी टिकट

राज्यसभा की इस समय सात सीटें खाली हैं, जिनमें से एक सीट बिहार की है। बिहार से शरद यादव की सीट काफी समय से खाली है लेकिन उसे लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में मुकदमा चल रहा है इसलिए उस पर उपचुनाव नहीं हो रहे हैं। इसके अलावा तीन सीटें तमिलनाडु में खाली हैं और दो सीटें बंगाल में। असम में भी एक सीट खाली है। इन छह सीटों पर किसी भी समय उपचुनाव की घोषणा हो सकती है। इन छह में से कांग्रेस के खाते में दो सीटें जाएंगी। एक सीट महाराष्ट्र के कांग्रेस सांसद राजीव सातव के निधन से खाली हुई है इसलिए उस सीट पर कांग्रेस का स्वाभाविक दावा है। दूसरी सीट तमिलनाडु से मिलेगी। खाली हुई तीन सीटों में से दो डीएमके और एक कांग्रेस को मिलने की चर्चा है। इन दो सीटों के लिए कांग्रेस के एक दर्जन नेता दावेदार हैं। इसलिए कांग्रेस के लिए उम्मीदवार तय करना आसान नहीं होगा। यह भी पढ़ें: राज्यसभा में घटेगी भाजपा की सीट! कांग्रेस के जानकार सूत्रों का कहना है कि पार्टी के बागी नेताओं के साथ जैसी सहमति बनी है उसे देखते हुए कहा जा रहा है कि मुकुल वासनिक और गुलाम नबी आजाद को राज्यसभा भेजा जाएगा।… Continue reading उपचुनाव में कांग्रेस किसे देगी टिकट

Tamil Nadu : DMK की 10 साल बाद सत्ता में वापसी, Udhayanidhi ने पहले ही चुनाव में 68,880 वोटों से हासिल की जीत

नई दिल्ली। Tamil Nadu Election Results 2021: तमिलनाडु की सत्ता में द्रविड़ मुन्नेत्र कडगम (DMK) ने पूरे 10 साल बाद सत्ता में वापसी की है। डीएमके यूथ विंग के सचिव उदयनिधि स्टालिन (Udhayanidhi Stalin) का यह पहला चुनाव था। अपने पहले चुनाव में ही उन्होंने चेपॉक सीट से 68,880 वोटों से जीत हासिल की। इस चुनाव में डीएमके की ईंट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसे भी पढ़ें- विधानसभा चुनाव हारे सांसद क्या करेंगे? डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन (MK Stalin) के बेटे और एम करुणानिधि (M Karunanidhi) के पोते उदयनिधि स्टालिन ने पूरे चुनावी प्रचार में एक ईंट को एआईएडी एमके-भाजपा गठबंधन पर वार के लिए हथियार बनाया था। उदयनिधि ने जीत के बाद यह ईंट पिता स्टालिन को सौंपी। पार्टी प्रमुख एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन सुर्खियों में तब आए थे, जब उन्होंने प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, और गृहमंत्री अमित शाह से सीधी टक्कर ली. हर चुनावी रैली में उदयनिधि हाथ में ईंट लेकर एआईएडीएमके-भाजपा की ओर से राज्य की जनता से किए गए झूठे वादों की याद दिलाते थे। इस ईंट पर तमिल भाषा में एम्स लिखा है। जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए झूठे वादे का प्रतीक बताया गया है। इसे भी पढ़ें- मोदी-शाह की… Continue reading Tamil Nadu : DMK की 10 साल बाद सत्ता में वापसी, Udhayanidhi ने पहले ही चुनाव में 68,880 वोटों से हासिल की जीत

तमिलनाडु में सबसे ज्यादा बदलेगी राजनीति

विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद तमिलनाडु में राजनीति सबसे ज्यादा बदलेगी। इसका कारण यह है कि पांच राज्यों में तमिलनाडु एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां सब मान रहे थे कि अन्ना डीएमके हारेगी और डीएमके को प्रचंड बहुमत मिलेगा। डीएमके को बहुमत मिला है पर अन्ना डीएमके वैसे नहीं हारी है, जिसका अंदाजा लगाया जा रहा था। इसका कारण यह है कि वीके शशिकला ने जेल से छूटने के बाद अपने भतीजे के साथ मिल कर राजनीति करने की बजाय सार्वजनिक जीवन से अलग होने का ऐलान किया और जयललिता समर्थकों को एकजुट होकर वोट देने की अपील की। ध्यान रहे तमिलनाडु में जयललिता समर्थकों का मतलब होता है थेवर जाति के मतदाता, जो अब तक एकजुट होकर अन्ना डीएमके को वोट करते रहे हैं। एमजीआर के जमाने से। जयललिता स्वंय ब्राह्मण थी, जिनका दो-ढाई फीसदी वोट था, लेकिन शशिकला और पार्ट की वजह से थेवर उनको वोट देते थे। शशिकला ने इस बार भी यह वोट एकजुट करा दिया। अब चुनाव नतीजों के बाद अन्ना डीएमके में इस वोट की दावेदारी शुरू होगी। दो पूर्व मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम और पलानीस्वामी इस वोट के लिए मारामारी करेंगी। शशिकला की बड़ी भूमिका बनेगी और भाजपा किसी तरह से अन्ना डीएमके का… Continue reading तमिलनाडु में सबसे ज्यादा बदलेगी राजनीति

डीएमके की रणनीति हैं अकेले बहुमत!

तमिलनाडु में मुख्यम विपक्षी पार्टी डीएमके की रणनीति अकेले दम पर बहुमत हासिल करने की है। इसलिए उसने कांग्रेस सहित तमाम दूसरी पार्टियों को कम से कम सीटें देकर गठबंधन में शामिल किया है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि अगर पिछले चुनाव में ही डीएमके ने कांग्रेस को 41 सीटें नहीं दी होतीं तो उसी समय उसकी सरकार बन जाती। जैसे बिहार में कहा जा रहा है कि अगर राजद ने कांग्रेस को 70 सीटें नहीं दी होती तो आज राज्य की तस्वीर अलग होती। राजद की सरकार बन सकती थी। ऐसा लग रहा है कि बिहार के ताजा अनुभव से सबक लेकर डीएमके ने कांग्रेस को किनारे किया है और बाकी सहयोगियों से भी सख्त मोलभाव करके कम कम सीटें दी हैं। ध्यान रहे पिछले चुनाव में डीएमके ने कांग्रेस के लिए 41 सीटें छोड़ी थीं, जिनमें से कांग्रेस सिर्फ सात सीट जीत पाई थी। इस बार डीएमके ने कांग्रेस को 25 सीटें दी हैं। इसके अलावा सीपीआई, सीपीएम और वीसीके को छह-छह सीटें दी हैं। इसके अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को तीन और एमएमके को दो सीटें दी हैं। यानी छह बड़ी सहयोगियों को कुल मिला कर 48 सीटें दी हैं। वाइको की पार्टी एमडीएमके… Continue reading डीएमके की रणनीति हैं अकेले बहुमत!

स्टालिन के आगे कांग्रेस का समर्पण

कांग्रेस को डीएमके ने पहले 24 सीटें ऑफर की थीं। बाद में सोनिया ने स्टालिन से बात की तो एक सीट और बढ़ाई गई। ध्यान रहे राज्य में कांग्रेस के आठ सांसद हैं। इस लिहाज से पार्टी के नेता कम से कम 48 सीटों के दावेदार थे। पर स्टालिन उससे आधी सीटें दी हैं।

तमिलनाडु : कांग्रेस, द्रमुक ने सीट बंटवारे को अंतिम रूप दिया

कांग्रेस और द्रमुक ने आज तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए सीट बंटवारे डील को अंतिम रूप दिया। द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन और तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (टीएनसीसी) के अध्यक्ष केएस अलागिरी के बीच सीट बंटवारे के डील पर हस्ताक्षर किए गए।

तमिलनाडु, पुड्डुचेरी में भाजपा की मुश्किल

अन्ना डीएमके और भाजपा के बीच भी सीट बंटवारे का मुद्दा अटक गया है। पिछली बार 234 सीटों में से 227 पर अकेले लड़ी अन्ना डीएमके इस बार सहयोगियों में सीटें बांट रही है।

कांग्रेस-डीएमके में शह-मात का खेल

कांग्रेस और डीएमके तमिलनाडु में मिल कर चुनाव लड़ेंगे, इस पर सहमति बन गई है। पर सीटों के बंटवारे से पहले दोनों के बीच शह-मात का खेल चल रहा है।

शशिकला क्या अन्ना डीएमके में शामिल होंगी?

अगर भारतीय जनता पार्टी की योजना कामयाब होती है तो वीके शशिकला अपनी पुरानी पार्टी अन्ना डीएमके में शामिल हो सकती हैं। यह भाजपा के तमिल प्लान का अहम हिस्सा है।

भाजपा का तमिल प्लान क्या होगा?

भारतीय जनता पार्टी ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए जो शुरुआती प्लान बनाया था वह फेल हो गया है।

डीएमके, कांग्रेस का तालमेल तय!

कांग्रेस पार्टी ने अगले साल होने वाले पांच राज्यों के चुनाव से छह महीने पहले ही चुनावी तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि यह तैयारी हर राज्य में नहीं दिख रही है। पश्चिम बंगाल, असम में अभी तक पार्टी को समझ में नहीं आ रहा है कि वह कैसे आगे बढ़े।

डीएमके के पूर्व सांसद रामलिंगम भाजपा में हुए शामिल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तमिलनाडु के दौरे पर हैं और डीएमके के पूर्व सांसद के.पी. रामलिंगम तमिलनाडु भाजपा में शामिल हो गए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी

बिहार चुनाव में गड़बड़ियों की शिकायत चिंताजनक : स्टालिन

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने इस बात पर चिंता जताई है कि महागठबंधन के कुछ दलों ने बिहार विधानसभा चुनाव में गड़बड़ियों की शिकायत की है।

तमिल राजनीति में भाजपा फिर बनी पंच

अन्ना डीएमके सुप्रीमो और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता के निधन के बाद जब उनकी पार्टी दो हिस्सों में बंट गई थी और पूर्व मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम ने अपने समर्थक विधायकों के साथ अलग हो गए थे तब भाजपा ने पंच की भूमिका निभाई थी।

स्टालिन, कनिमोझी का हिंदी विरोध

डीएमके नेता कनिमोझी ने कहा कि चेन्नई हवाईअड्डे पर तैनात किसी सीआईएसएफ के अधिकारी ने उनके हिंदी नहीं जानने पर सवाल उठाया और कहा कि क्या वे भारतीय नहीं हैं।

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