हकीकत तो नहीं बदलेगी!
सियाम के पलटने से सिर्फ उसकी ही संदिग्ध नहीं हुई है, बल्कि सरकार पर भी सवाल उठे हैं। सबसे प्रमुख प्रश्न है कि क्या सियाम पर सरकार ने दबाव डाला, जैसाकि आरोप लग रहे हैं? सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबिल मैनुफैक्चरर्स (सियाम) ने पहले सरकार को पत्र लिखकर शिकायत की कि ई-20 (20 प्रतिशत इथॉनोल मिले) पेट्रोल से कारें खराब हो रही हैं। लेकिन अब सियाम ने यह कहते हुए वो पत्र वापस ले लिया है कि किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले अभी और जानकारी की जरूरत है! ई-20 ईंधन को बड़ा सियासी मुद्दा बना चुके आम आदमी पार्टी के...
