बुरी दशा भारतीय मेधा की
एआई के इस दौर में, जहां मशीनें इंसानों की तरह सोचने लगी हैं, इंसानों को उनसे अधिक रचनात्मक और मौलिक बनना होगा। यदि हम राजनीति को संकीर्णता से ऊपर उठाकर राष्ट्र निर्माण की दिशा में ले जा सकें, राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सही अर्थों में लागू कर सकें और युवाओं को भयमुक्त वातावरण दे सकें, तो भारत फिर से विश्वस्तरीय वैज्ञानिक, दार्शनिक और मौलिक विचारक पैदा कर सकता है। मेधा किसी भी देश की वह भीतरी ताकत होती है, जो उसे सिर्फ जीवित नहीं रखती, बल्कि दुनिया को दिशा देने योग्य बनाती है। प्राचीन भारत में मेधा का मतलब सत्य...