योगी सरकार की बड़ी पहल : गन्‍ना शोध केन्‍द्र, सेवरही व मुजफ्फरनगर में किया जाएगा जैव उत्‍पादों का उत्‍पादन

जैव उत्‍पादों के इस्‍तेमाल से किसानों को होगी कम लागत में अच्‍छी फसल, किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने लिया बड़ा फैसला

बिहार के किसान के अकाउंट में मिले 52 करोड़ रुपये, सरकार से कुछ पैसे रखने की अपील की..

बैंक खाते में गलती से पैसे ट्रांसफर होने में बिहार के एक किसान ने पाया कि उसके पेंशन खाते में ₹52 करोड़ प्राप्त हुए हैं। राम बहादुर शाह ने अब सरकार से अपील की है कि उन्हें कुछ पैसे रखने की अनुमति दी ज

Real India : इस हिंदू बाहुल्य गांव में मोहर्रम पर अंगारों पर चलते हैं हिन्दू परिवार, आपसी सौहार्द का देते हैं संदेश…

हिंदू बाहुल्य गांव में हर घर में मोहर्रम के नियमों का पालन किया जाता है और इस दिन पमिथिथल (अंगारों पर चलाना) समेत अन्य कार्यक्रमों में लोग शामिल होते हैं….

अजब-गजब : सांप और किसान दोनों ने एक दूसरे को काटा, सांप मर गया …

उड़ीसा के जाजपुर जिले से सामने आया है. बताया जा रहा है कि 45 वर्ष के व्यक्ति को जब एक सांप ने काट लिया तो बदला लेने के लिए उसने भी सांप को काट दिया.

राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर किया कृषि कानूनों का विरोध, कहा- काले कानूनों को रद्द करे सरकार

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि उनकी पार्टी और अन्य विपक्षी दल संसद में किसानों के मुद्दे पर चर्चा नहीं चाहते बल्कि सरकार से किसान विरोधी कृषि संबंधी तीनों कानूनों को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। गांधी ने शुक्रवार को विपक्षी दलों के साथ यहां जंतर-मंतर पर आयोजित ‘किसान संसद’ में हिस्सा लेने के बाद पत्रकारों के सवाल पर कहा कि विपक्ष को अब किसानों के मुद्दे पर चर्चा नहीं चाहिए।

अजब-गजब: यूपी के एक अधिकारी ने मांग लिया भगवान राम का आधार कार्ड , जानें क्या है मामला

बांदा | देश में कई बार सरकारी बाबू की जल्दबाजी और लापरवाही के कारण अजीबोगरीब मामले सामने आते हैं. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के बांदा से सामने आया है. जानकारी के अनुसार जब एक पुजारी किसान अपनी फसल बेचने के लिए सरकारी मंडी में पहुंचा दो वहां के अधिकारी ने उसे भगवान का आधार कार्ड लाने को कहा. इतना ही नहीं पुजारी किसान के आधार कार्ड नहीं दे पानी की स्थिति में उसका पंजीकरण रद्द कर दिया गया. इस मामले कि सोशल मीडिया में आने के बाद जैसे लोगों ने प्रतिक्रियाओं की झड़ी लगा दी है. वही मंडी में मौजूद अधिकारी का कहना है कि उसने कोई गलत काम नहीं किया है. उसका कहना है कि जमीन जिसके नाम से रजिस्टर है उसकी फसल को बेचने के लिए आधार कार्ड का होना आवश्यक है. क्या है मामला उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव के मंदिर की जमीन पर गेहूं गाकर उसे सरकारी मंडी में भेजना चाहा तो उससे वहां मौजूद अधिकारी ने जमीन मालिक का आधार कार्ड मांगा. यहां बता दें कि अधिकारी जमीन के मालिक का आधार कार्ड मांगने का हक रखते हैं. ताकि यह स्पष्ट हो सकेगी लाभार्थी किसान ही हो और उसके साथ कोई धोखाधड़ी… Continue reading अजब-गजब: यूपी के एक अधिकारी ने मांग लिया भगवान राम का आधार कार्ड , जानें क्या है मामला

राजस्थान के किसानों को राहत : रबी सीजन के फसली ऋण अब 31 अगस्त तक जमा होंगे

गहलोत सरकार ने खरीफ सीजन के फसली ऋण चुकाने में एक वर्ष की अवधि बाध्यता को हटाया, अब 30 जून तक जमा होंगे खरीफ फसली ऋण जयपुर | राजस्थान में किसानों के लिए अशोक गहलोत सरकार ने रबी सीजन के फसली लोन 31 अगस्त तक जमा करवाने की छूट दी है। यही नहीं खरीफ के लोन 30 जून तक जमा हो सकेंगे। राज्य के सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर के चलते किसानों को रबी सीजन, 2020-21 में वितरित फसली ऋण को चुकाने में हो रही परेशानी के कारण ऋण अदायगी की तिथि को 30 जून से बढ़ाकर 31 अगस्त, 2021 कर दिया गया है। इस संबंध में विभाग ने आदेश जारी कर दिये हैं। आंजना ने बताया कि सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना महामारी के कारण किसानों को फसल सीजन रबी 2020-21 के अल्पकालीन फसली ऋणों के भुगतान की अंतिम तिथि को 31 अगस्त तक बढ़ाने के निर्देश दिये थे। मुख्यमंत्री श्री गहलोत के इस निर्णय से 1 सितम्बर, 2020 से 31 मार्च, 2021 तक फसली ऋण लेने वाले लाखों किसानों को लाभ मिलेगा। Rajasthan Unlock: राजस्थान में एक माह बाद शुरु होने जा रही रोडवेज की सुविधा, आज शाम… Continue reading राजस्थान के किसानों को राहत : रबी सीजन के फसली ऋण अब 31 अगस्त तक जमा होंगे

खाद की कीमत नियंत्रित करे सरकार

केंद्र सरकार वाहवाही लूट रही है और भारतीय जनता पार्टी केंद्र सरकार को किसानों का सबसे बड़ा हितैषी साबित करने में लगी है क्योंकि सरकार ने डीएपी खाद के ऊपर सब्सिडी में 140 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। पहले सरकार डीएपी खाद की एक बोरी पर पांच सौ रुपए की सब्सिडी देती थी, जिसे बढ़ा कर 12 सौ रुपए कर दिया गया है। यानी सात सौ रुपए प्रति बोरी की बढ़ोतरी हुई है। इससे सरकार के ऊपर 14,775 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सरकार को अचानक सब्सिडी में इतनी बड़ी बढ़ोतरी इसलिए करनी पड़ी है क्योंकि कंपनियों ने डीएपी की कीमत में अचानक बहुत बढ़ोतरी कर दी। सवाल है कि सरकार ने कीमतों को नियंत्रित करने की बजाय सब्सिडी बढ़ाने का फैसला क्यों किया? असल में कंपनियों ने अचानक कीमत में प्रति बोरी सात सौ रुपए की बढ़ोतरी कर दी। 12 सौ रुपए की डीएपी की बोरी की कीमत 19 सौ रुपए कर दी गई। हैरानी की बात है कि पहले यह काम भारत सरकार की कंपनी इफको ने किया। उससे पहले दो कंपनियों- पारादीप फॉस्फेट लिमिटेड और गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स कारपोरेशन ने तीन-तीन सौ रुपए की कीमत बढ़ाई थी। कहा जा रहा है कि डीएपी में इस्तेमाल… Continue reading खाद की कीमत नियंत्रित करे सरकार

kinda weird : ऑस्ट्रेलिया में कोरोना के बाद आई एक और आफत..आसमान से होने लगी चूहों की बारिश..

कोरोना वायरस से अभी तक पुरी दुनिया उभर नहीं आई है और एक के बाद एक संकट आये जा रहे है। ताजा मामला ऑस्ट्रेलिया से जुड़ा है। ऑस्ट्रेलिया  में चूहों मे आतंक मचा रखा है। ऑस्ट्रेलिया माउस प्लेग से भी जूझ रहा है। लोगों को डर है कि चूहे कहीं कोई दूसरी महामारी ना फैला दें। चूहों के आतंक की वजह से फैक्ट्री मालिक से लेकर किसान तक परेशान हैं। लाखों की तादात में चूहों ने फसलें बर्बाद कर दी हैं।लाखों चूहे ऑस्ट्रेलिया की अलग-अलग फैक्ट्री और खेतों से निकल रहे हैं। लोग दहशत में तब आ गये जब आसमान से चूहों की ‘बारिश’ होने लगी। ऐसा ना कभी देखा और ना ही कभी सुना है आसमान से बारिश आते तो सभी ने देखा है लेकिन बारिश के रूप में चूहें बरसते किसी ने नहीं देखा है। ऑस्ट्रेलिया  में आसमान से चूहों की बारिश होने लगी। इससे आम जनता में भय का माहौल छा बन गया। सभी इसका समाधान ढूंढ़ने में लगे है। इसे भी पढ़ें Good News : रूसी वैक्सीन स्पुतनीक-वी का एक डोज मिलेगा 995.4 रुपये में, सबसे पहले प्राइवेट सेक्टर को मिलेगी वैक्सीन आसमान से बरसी चूहों की आफत दरअसल, ऑस्ट्रेलिया में आसमान से चूहों की बारिश का… Continue reading kinda weird : ऑस्ट्रेलिया में कोरोना के बाद आई एक और आफत..आसमान से होने लगी चूहों की बारिश..

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने वाला ब्रेसलेट, पास आने पर देगा करंट के झटके

भारत में कोरोना की दूसरी लहर चल रही है। जो सभी के लिए बेहद खतरनाक है। सरकार ने कोरोना के संक्रमण रोकने के लिए तमाम प्रयास कर लिए है। लेकिन सामाजिक दूरी का नियम टूटता जा रहा है। ऐसे में मेरठ में एक किसान के युवा होनहार बेटे ने ब्रेसलेट जैसी डिवाइस ईजाद की है। इस ब्रेसलेट को ईजाद करने वाले का नाम नीरज है। नीरज फिलहाल बी. टेक में फाइनल इयर की पढ़ाई कर रहा है।  एक दिन में कोरोना के 3 लाख के पार मामले दर्ज हो रहे है। आये दिन कोरोना एक नया आंकड़ा दर्ज कर रहा है। बाजार जैसी भीड़-भाड़ वाली जगहों पर सामाजिक दूरी का पालन नहीं होता है। इसे भी पढ़ें Friendship goal: जब ऐसे दोस्त हों तो कोरोना कुछ नहीं बिगाड़ सकता ! पास आते ही लगेगा करंट का झटका बी-टेक की पढ़ाई कर रहे छात्र नीरज उपाध्याय का दावा है कि इस ब्रेसलेट को पहनने से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना आसान हो जाएगा। इसे पहनने वाले दो लोग जब भी ज्यादा करीब आएंगे तो उन्हें करंट जैसा हल्का झटका लगेगा और उन्हें दो गज की दूरी बनाने का एहसास हो जाएगा। हालांकि ये ब्रेसलेट तभी कारगर होगा जब इसका अधिक से अधिक… Continue reading सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने वाला ब्रेसलेट, पास आने पर देगा करंट के झटके

राजस्थान : बेटी नहीं देवी है, दुर्गा नवमी के दिन हैलीकाॅप्टर से घर लाए दादा, चाॅपर के किराए के लिए चार लाख की फसल बेच दी

Jaipur | कभी बेटियों के कत्ल के लिए कुख्यात कहे जाने वाले राजस्थान में नवजात बेटियों की आमद अब लोगों में उत्साह भरी है। यह उदाहरण ही नहीं बल्कि एक नजीर है, जिसने लोगों के मन में बेटियों के घर में आगमन को देवी के रूप में स्वीकार करना शुरू किया है। राजस्थान (Rajasthan) के नागौर (Nagour) में जन्मी एक बेटी का स्वागत उसके दादा ने इस प्रकार किया है जो सिर्फ राजस्थान के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए मिसाल है। राजस्थान के नागौर जिले में कुचेरा इलाके का गांव निम्बड़ी चांदावता (Nagour Kuchera Nimbdi Chandawata Village) और हरसोलाव में एक परिवार में 35 साल बाद बेटी का जन्म होने के कारण किसान दादा ने अपनी नवजात पोती के हेलीकॉप्टर बुक करवाया है, जिसमें सवार होकर नवजात पोती अपने ननिहाल हरसोलाव से आज पहली बार दादा के घर गांव निम्बड़ी चांदावता पहुंचेगी। दादा ने अपनी फसल बेचकर अपनी दुलारी के लिए जयपुर से हेलीकॉप्टर बुक करवाया। इसे भी पढ़ें Earth Day 2021 : अभिनेत्री दीया मिर्जा ने कहा, पर्यावरण में बदलाव के लिए अधिकारी और उद्योग जिम्मेदार राजस्थान में नवजात ने हेलीकॉप्टर से की लैंडिंग नवजात के लिए हेलीकॉप्टर बुक करवाने का यह पहला मामला है। राजस्थान में… Continue reading राजस्थान : बेटी नहीं देवी है, दुर्गा नवमी के दिन हैलीकाॅप्टर से घर लाए दादा, चाॅपर के किराए के लिए चार लाख की फसल बेच दी

Bihar: मुजफ्फरपुर में मौसम की मार झेल रहे लीची किसानों को अब कोरोना का डर

मुजफ्फरपुर| बिहार में लीची के लिए चर्चित मुजफ्फरपुर के लीची किसान इन दिनों कोरोना की दूसरी लहर से आशंकित हैं। इस साल पहले से ही मौसम के अनुकूल नहीं होने के कारण लीची की पैदावार कम होने को लेकर किसान उदास हैं और फिर से कोरोना (Corona) की दूसरी लहर ने इनकी रही सही उम्मीद पर भी पानी फेर रही है। इस वर्ष मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) के अधिकांश क्षेत्रों के लीची बगानों में अधिक समय तक नमी रहने और अचानक गर्मी आ जाने के कारण लीची के पौघों में मंजर कम लगे हैं, जिससे फलों की संख्या कम है। लीची किसान (Litchi Farmer) कहते हैं कि इस बार अभी तक बाहर के व्यवसायियों ने लीची (Litchi) के बाग नहीं खरीदे हैं। वे दानों (फलों) के और पुष्ट और आकार लेने का इंतजार कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें – West Bengal Assembly Election: मोदी बोले -नंदीग्राम में दीदी हुईं बोल्ड, बंगाल में उनकी पारी समाप्त पिछले साल लॉकडाउन की वजह से किसानों को बड़ा नुकसान हुआ था। इस बार भी कुछ इसी तरह की स्थिति बन रही है। मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) के बंदरा क्षेत्र के रहने वाले लीची किसान एस के दुबे (Litchi Farmer SK dube) बताते हैं कि बागों में पेड़ों पर… Continue reading Bihar: मुजफ्फरपुर में मौसम की मार झेल रहे लीची किसानों को अब कोरोना का डर

Uttar Pradesh : शराब की लत वाला गांव बन गया Organic Farming का मॉडल गांव, जानें खास बातें

बहराइच | उत्तर प्रदेश का एक ऐसा गांव जहां बेरोजगारी दर काफी ज्यादा होने के बाद भी वहां के लोग शराब का सेवन करने में बहुत आगे थे, अब वे एसआरआई (System of rice intensification) और जैविक खेती (Organic farming) के लिए मॉडल बन गए हैं। साथ ही उत्तर प्रदेश के जिला बहराइच का यह छोटा सा गांव कैलाशनगर अब खासियत के चलते खासा नाम कमा रहा है। कैलाशनगर अब पूरी तरह से शराब मुक्त है और एसआरआई में नए रिकॉर्ड बना रहा है। यहां के लोग कम पानी में farming करने की पद्धति का उपयोग करके चावल की खेती कर रहे हैं और जैविक खेती (Organic farming) कर रहे हैं। उनकी खेती के तरीके इतने सफल रहे हैं कि देश के विभिन्न हिस्सों और यहां तक कि संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम से जुड़े लोग भी किसानों की इन तकनीकों को समझ रहे हैं। हाल ही में, सार्वजनिक स्वास्थ्य का अध्ययन करने वाले अमेरिकी छात्रों ने इन किसानों के कृषि मॉडल को समझने के लिए कैलाशनगर का दौरा किया था। इस गांव के 2 किसानों को खेती में श्रेष्ठता के लिए राज्य सरकार से पुरस्कार भी मिल चुका है। इसे भी पढ़ें – लापरवाही की तो हद है…..कोरोना मरीज को लेकर… Continue reading Uttar Pradesh : शराब की लत वाला गांव बन गया Organic Farming का मॉडल गांव, जानें खास बातें

आंदोलन स्थल पर किसानों का भी हो टीकाकरण : टिकैत

कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का प्रदर्शन जारी है। वहीं दूसरी ओर देश मे कोरोना के मामले एक बार फिर बढ़ते जा रहे हैं।

जब तक है दम तब तक में किसान के लिए लड़ूंगी: प्रियंका

कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि जब तक दम है तब तक किसानों के लिये लड़ेंगी, चाहे 100 दिन हों या 100 साल।

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