एफसीआरए पर सरकार चाहती क्या है?
यह समझना बहुत मुश्किल नहीं है कि केंद्र सरकार विदेशी चंदे के कानून यानी एफसीआरए में बदलाव क्यों करना चाहती है। लेकिन वह इस बिल पर एक कदम आगे बढ़ रही है और दो कदम पीछे हट रही है, इसका क्या मकसद है यह समझना थोड़ा मुश्किल है। सरकार ने यह बिल संसद के बजट सत्र के दौरान मार्च में पेश किया। लेकिन उसे फिर ठंडे हस्ते में डाल दिया गया। तब कहा गया कि केरल में विधानसभा चुनाव है और भाजपा को ईसाई वोटों की उम्मीद है। भाजपा की ओर से ईसाई वोटों के लिए प्रयास भी किया गया...