मिग-21-27 को अब हुई टा, टा

कभी भारतीय वायुसेना के लिए सबसे अहम व विवादास्पद माने जाने वाले मिग-21 से 27 विमानो को हाल ही में वायुसेना ने अंततः अलविदा कह दिया। हालांकि पिछले कुछ दशको में वायुसेना के लडाकू विमानों की कमी बहुत शिद्दत से महसूस की जाती रही है। इसके जरिए हाल ही में बालाकोट में हुई एयर स्ट्राइक के जरिए विंग कमांडर अभिनंदन ने अमेरिका के बेचे एक पाकिस्तान एफ-16 विमान को मार गिराया था। आखिरी विमान को भी टाटा कर देने के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या राफेल युद्ध विमान अपनी विशेषता से इसकी अहमियत को कम कर देंगे? मिग विमान मास्को एविएशन प्रोडक्शन एसोसिएशन द्वारा तैयार किया जाता था। इसमें दो प्रमुख जनक थे। आइटेम मिकोयान व मिसाइल गुरेविच, इन दोनों का नाम मिला कर मिग शब्द बना। गुरेविच 1964 में रिटायर हो गए जबकि मिकोयान की 1970 में मौत हो गई। मिग विमान अपने समय में सोवियत संघ व रूस का प्रतिष्ठित विमान माना जाता था। सोवियत संघ ने अपने प्रभाव वाले 600 से ज्यादा देशों को यहग सैनिक विमान बेचे। इनमें भारत के अलावा उत्तरी कोरिया, उत्तरी वियतनाम व अमेरिका से टकराव लेने वाले कुछ अरब देश भी शामिल थे। यह आवाज की गति से तेज… Continue reading मिग-21-27 को अब हुई टा, टा

ब्रह्मोस से लैस सुखोई 30 वायुसेना में शामिल

भारतीय वायुसेना ने अपनी शक्ति में महत्वपूर्ण और शक्तिशाली इजाफा करते हुए सोमवार को यहां घातक ब्रह्मोस मिसाइल से लैस सुखोई 30 लड़ाकू

मिग-27 ने भरी आखिरी उड़ान

नई दिल्ली। वायुसेना ने मिकोयान-गुरेविच 27 (मिग-27) को शुक्रवार को सेवामुक्त कर दिया। शुक्रवार को सात विमानों के अंतिम बेड़े ने अंतिम बार आसमान में उड़ान भरी। मिग-27 लड़ाकू विमानों ने 20 साल पहले पाकिस्तान के साथ कारगिल युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लड़ाकू विमान ने जोधपुर एयरबेस पर अंतिम बार उड़ान भरी, जहां वायुसेना के मिग-27 को संचालित करने वाला बेड़ा है। मिग-27 का भारत में कोड नाम ‘बहादुर’ था। मिग-27 तीन दशक से ज्यादा समय तक राष्ट्र की सेवा में रहा और इसका बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड रहा। रक्षा मंत्रालय ने कहा, “इन विमानों ने शांति और युद्ध दोनों के दौरान राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। बेड़े ने ऐतिहासिक कारगिल युद्ध के दौरान गौरव हासिल किया, जब उसने दुश्मन के ठिकानों पर सटीकता के साथ रॉकेट और बम गिराए। बेड़े ने ऑपरेशन पराक्रम के दौरान भी सक्रियता से भाग लिया। अपग्रेडेड मिग-27 कई अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय अभ्यासों में भाग ले चुका है। रक्षामंत्री ने कहा कि नंबर 29 स्क्वाड्रन वायुसेना में एकमात्र इकाई है, जो अपग्रेड मिग-27 का संचालन करती है। इस स्क्वाड्रन को 10 मार्च, 1958 को स्थापित किया गया था। मंत्रालय ने कहा, “वर्षो से स्क्वाड्रन कई प्रकार के लड़ाकू विमानों जैसे मिग-21… Continue reading मिग-27 ने भरी आखिरी उड़ान

मिग -27 विमानों की वायु सेना के लड़ाकू बेड़े से विदाई

चार दशकों तक वायु सेना के लड़ाकू बेड़े की शान रहे और कारगिल की लड़ाई में अचूक बमबारी से दुश्मन के छक्के छुड़ाने वाले मिग-27 लड़ाकू विमान कल वायु सेना से विदा हो जायेंगे।

मिग-29 विमान ओमान के साथ अभ्यास में दिखाएंगे ताकत

नई दिल्ली। वायु सेना का मिग-29 लड़ाकू विमान पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय अभ्यास में अपनी ताकत और करतबबाजी का प्रदर्शन करेगा। वायु सेना ओमान के मसिरा बेस पर वहां की वायु सेना के साथ गुरूवार को से 26 तारीख तक द्विपक्षीय संयुक्त अभ्यास में हिस्सा ले रही है। इस अभ्यास में वायु सेना के मिग-29 लड़ाकू विमान और मालवाहक सी-17 विमान हिस्सा ले रहे हैं। यह पहला मौका है जब मिग-29 विमान देश से बाहर किसी अंतरराष्ट्रीय अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। अभ्यास के दौरान मिग-29 विमान ओमान वायु सेना के ताकतवर लड़ाकू विमानों यूरोफाइटर टाइफून , एफ -16 और हॉक विमानों के साथ अपने जौहर दिखाएंगे। दोनों वायु सेना संयुक्त अभियानों में परस्पर तालमेल बनाने और एक दूसरे के अनुभवों से सीख लेकर मिशन को अंजाम देने का भी अभ्यास करेंगी। दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच पिछला संयुक्त अभ्यास जामनगर में हुआ था।

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