Gautam Adani

  • अमेरिकी नोटिस स्वीकार करेंगे अडानी

    नई दिल्ली। देश के दूसरे सबसे अमीर कारोबारी गौतम अडानी ने अमेरिकी शेयर बाजार की नियामक एजेंसी सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन यानी एसईसी की ओर से जारी नोटिस स्वीकार करने पर सहमति जताई है। वे वकील के जरिए नोटिस स्वीकार करेंगे और उनको 90 दिन का समय मिलेगा जवाब देने के लिए। गौरतलब है कि एसईसी ने 15 महीने पहले सिविल फ्रॉड का केस दर्ज किया था। 15 महीने के बाद गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी कानूनी नोटिस स्वीकार करने को तैयार हो गए हैं। न्यूयॉर्क की एक अदालत में अडानी समूह की ओर से दाखिल दस्तावेजों के...

  • अडानी ने तुड़वाया अड़ानी ही जुड़वा रहे!

    जो काम कोई नहीं कर सका वह गौतम अडानी ने कर दिया। वे रविवार को बारामती पहुंचे थे, जहां उन्होंने शरदचंद्र पवार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उद्घाटन किया। इस मौके पर उनके एक तरफ शरद पवार थे तो दूसरी ओर अजित पवार थे। गौतम अडानी की पत्नी प्रीति अडानी भी कार्यक्रम में मौजूद थीं और कार्यक्रम का संचालन कर रही थीं बारामती की सांसद व शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले। सो, परफेक्ट मैदान सजा था। सुप्रिया सुले ने गौतम अडानी को भाई और उनकी पत्नी को भाभी बताया और बड़े प्यार व सम्मान से दोनों को...

  • अडानी के विस्तार की नई चर्चा

    इन दिनों देश में अरावली और प्रदूषण ये दो बातें चल रही हैं। इनके बीच सोशल मीडिया में बहुत से दिलचस्प मीम बन रहे हैं, जिनमें एक प्राकृतिक संसाधनों के बंटवारे को लेकर है और खूब वायरल हो रहा है। इसमें तीन कैरेक्टर दिखाए जा रहे हैं सरकार, अंबानी और अडानी और बैकग्राउंड में मशहूर गजल की पंक्तियां चल रही हैं, ‘जंगल तेरे, पर्वत तेरे, बस्ती तेरी, सहरा तेरा...’। इस बीच देश के दूसरे सबसे अमीर कारोबारी गौतम अडानी की कंपनी के विस्तार के नए आयामों की चर्चा शुरू हो गई है। कंपनी ने कई नए क्षेत्रों में एंट्री करने...

  • अडानी-अंबानी पर कांग्रेस का नरम रुख!

    पहले भी अडानी और अंबानी का विरोध सिर्फ राहुल गांधी करते थे। कांग्रेस के दूसरे नेता आमतौर पर चुप ही रहते थे। राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार थी तो अडानी समूह के साथ निवेश के बड़े समझौते हुए थे। तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने भी निवेश का समझौता किया है। इसी तरह केरल में जब अडानी को पोर्ट का उद्घाटन तक था सीपीएम सरकार के मुख्यमंत्री और मंत्रियों के साथ कांग्रेस के नेता भी उसमें शामिल हुए। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि अडानी और अंबानी के ऊपर राहुल गांधी भी थोड़े नरम पड़ रहे हैं। दूसरी ओर...

  • गौतम अडानी का झारखंड प्रेम

    गौतम अडानी का झारखंड प्रेम गहराता जा रहा है। उन्होंने धनबाद में आईआईटी के दर्जे वाले प्रतिष्ठित इंडियन स्कूल ऑफ माइनिंग यानी आईएसएम में एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया है। इस संस्थान का महत्व यह है कि देश में वैज्ञानिक शिक्षा को समर्पित संस्थानों में इसको सबसे ऊपर रखा जाता है। 1950 में राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद और प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू एक साथ इस संस्थान का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसके बाद 1953 में फिर राजेंद्र बाबू इस संस्थान का दौरा करने पहुंचे थे। पिछले दिनों इसके दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल हुईं थीं। उसी आईएसएम...

  • अदाणी समूह अगले पांच वर्षों में 100 अरब डॉलर का निवेश करेगा : गौतम अदाणी

    अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने शुक्रवार को घोषणा की कि समूह अगले पांच वर्षों में लगभग 100 अरब डॉलर के पूंजीगत व्यय निवेश की तैयारी कर रहा है। गौतम अदाणी ने कहा, "इस प्रतिबद्धता का पैमाना और गति भारत के निजी क्षेत्र के इतिहास में अभूतपूर्व है क्योंकि हम भारत के उत्थान की रीढ़ को मजबूत करने में अपना योगदान दे रहे हैं, जिसमें 1.4 अरब सपने जुड़े हैं। मुंबई में शीर्ष डॉक्टरों के सम्मेलन सोसाइटी फॉर मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी-एशिया पैसिफिक (एसएमआईएसएस-एपी) के 5वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए गौतम अदाणी ने कहा कि ये निवेश...

  • रथ यात्रा में परिवार समेत शामिल हुए गौतम अदाणी

    अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी और उनके परिवार के सदस्य शनिवार को यहां रथ यात्रा में शामिल हुए और पूजा-अर्चना की। पत्नी प्रीति, बेटे करण और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अदाणी ने गुंडिचा मंदिर के पास भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ के रथों के सामने खड़े होकर पूजा-अर्चना की। गुंडिचा मंदिर को देवताओं की मौसी का घर माना जाता है। Also Read : सूर्यवंशी की आतिशी पारी, भारत अंडर-19 ने इंग्लैंड को रौंदा अदाणी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा भगवान श्री जगन्नाथ जी की कृपा से हमें पुरी धाम की पवित्र रथ यात्रा में...

  • अडानी को अमेरिकी शेयर बाजार के नियामक का समन

    नई दिल्ली। अडानी समूह के प्रमोटर गौतम अडानी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनके खिलाफ अमेरिकी शेयर बाजार की नियामक संस्था अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन यानी यूएससेक ने अमेरिका में रिश्वत और धोखाधड़ी मामले में समन भेजा है। अंग्रेजी के अखबार ‘द हिंदू’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार को यह समन मिला था, जिसे उसने 25 फरवरी को अहमदाबाद की जिला अदालत को भेज दिया ताकि इसे गौतम अडानी के पते पर पहुंचाया जा सके। यूएससेक का ये समन 1965 की हेग संधि के तहत भेजा गया है। संधि में किसी भी मामले से जुड़े देश एक...

  • 2024: अविश्वास स्थापना वर्ष!

    यों 2024 की कई पहचान है। बतौर ‘वर्ष पुरूष’ गौतम अडानी हैं। अयोध्या का राम मंदिर है। नरेंद्र मोदी का प्रकट दैवीय अवतार है। मोदी का तीसरी बार प्रधानमंत्री बनना है। विपक्ष का आईसीयू से बाहर निकलना है। मगर राष्ट्र राज्य की दीर्घकालीन सेहत के नाते 2024 का अर्थ ‘शंकालु भारत’ है! सन् 2024 ने 140 करोड़ लोगों के जेहन में यह अविश्वास स्थापित किया है कि ‘कुछ न कुछ तो गड़बड़ है’! यह जुमला गुरूवार को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में सुनाई दिया। यह जुमला उस भावना, उस अविश्वास का प्रतीक है जो हरियाणा, महाराष्ट्र और उपचुनाव नतीजों...

  • राहुल हटाओ, अडानी बचाओ!

    Rahul Gandhi vs Gautam Adani: यदि राहुल गांधी राजनीति से रिटायर हो जाएं, विदेश जा कर बस जाएं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गौतम अडानी चैन की वह सांस लेंगे, जिसकी हम-आप कल्पना नहीं कर सकते हैं। इसलिए मोदीजी के भारत को आज चाहिए राहुल व सोनिया गांधी की कुरबानी। इसलिए क्योंकि राहुल को मोदी, अडानी न खरीद सकते हैं और न बोलने से रोक सकते हैं। जबकि सोनिया गांधी इसलिए समस्या हैं क्योंकि वह पुत्रमोह में हैं और इसके चलते वे उनसे कांग्रेस की कमान नहीं लेती हैं तो जिद्दी राहुल को बोलने से रोक भी नहीं सकतीं! also...

  • ‘मीडिया पार्ट’ की रिपोर्ट का अधूरा इस्तेमाल

    OCCRP Report: भारतीय जनता पार्टी के लिए किसी समय फ्रेंच मीडिया कंपनी ‘मीडिया पार्ट’ नंबर एक दुश्मन थी। जब इसने लड़ाकू विमान राफेल की खरीद के मामले में घोटाले का आरोप लगाया और कई तरह के तथ्य प्रकाशित किए तो भाजपा के लिए यह भारत विरोधी टूलकिट का हिस्सा था। लेकिन आज भारतीय जनता पार्टी इसी की एक रिपोर्ट का हवाला देकर राहुल गांधी को घेर रही है। हालांकि वह भी रिपोर्ट का अधूरा इस्तेमाल है। तभी ‘मीडिया पार्ट’ ने भाजपा पर ‘फेक न्यूज’ फैलाने का आरोप लगाया है। ‘मीडिया पार्ट’ की प्रकाशक और निदेशक कैरिन फोटेउ ने अपने बयान...

  • अडानी के मुद्दे पर ठप्प संसद

    नई दिल्ली। अडानी समूह के मुखिया गौतम अडानी के ऊपर अमेरिका में लगे घूसखोरी और फ्रॉड के आरोप का मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है। संसद के शीतकालीन सत्र का पहले हफ्ता इसकी भेंट चढ़ता दिख रहा है। गुरुवार को सत्र के तीसरे दिन भी विपक्षी पार्टियों के हंगामे की वजह से कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चली। संसद के दोनों सदनों में विपक्षी पार्टियों ने अडानी के मसले पर चर्चा की मांग की और साथ ही संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी से जांच कराने की भी मांग की। गुरुवार को शीतकालीन सत्र का तीसरा दिन...

  • अडानी पर ठप्प रही संसद

    नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही भी अडानी के मसले पर ठप्प रही। बुधवार को दोनों सदनों में कोई कामकाज नहीं हुआ। लोकसभा तो सिर्फ पांच मिनट चली। सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने अडानी मसले पर चर्चा की मांग की और हंगामा शुरू कर दिया। पांच मिनट में ही कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोबारा जब कार्यवाही शुरू हुई तो हंगामा जारी रहा, जिसके बाद स्पीकर ने कार्यवाही 28 अगस्त की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। विपक्षी पार्टियां अडानी मसले पर चर्चा...

  • अडानी की मुश्किलें कम नहीं होंगी

    अमेरिका की अदालत में घूसखोरी और फ्रॉड के आरोपी बनाए जाने के बाद गौतम अडानी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अमेरिकी अदालत ने समन जारी करके 21 दिन में जवाब देने को कहा है। जिस दिन अमेरिकी अदालत ने उनको आरोपी बनाया उसके अगले ही दिन केन्या ने अपने सारे सौदे रद्द कर दिए। कोई 21 हजार करोड़ रुपए का ठेका था, जिसे केन्या की सरकार ने रद्द कर दिया। अब खबर है कि श्रीलंका और बांग्लादेश में भी समस्या बढ़ने वाली है। श्रीलंका में उनके बिजली प्रोजेक्ट को लेकर समीक्षा हुई है और कहा जा रहा है कि...

  • अडानीः मोदी का राजधर्म!

    याद करें भारत में कौन सा राजा (सम्राट अशोक से लेकर पृथ्वीराज चौहान या मुस्लिम-अंग्रेज शासकों के कार्यकाल में), प्रधानमंत्री ऐसा हुआ, जिसने किसी उद्योगपति-व्यापारी की पैरोकारी को अपना राजधर्म बनाया? जवाब है कि ऐसा उदाहरण प्राचीन, मध्य और आधुनिक काल के किसी भी राजा, प्रधानमंत्री का नहीं है। क्यों? इसलिए क्योंकि राजनीति का उद्देश्य व कर्तव्य समाज के सभी वर्गों में संतुलन बनाने का है। राजा-प्रधानमंत्री कितना ही भ्रष्ट हुआ हो उसने किसी पर मेहरबान हो कर उसे लाइसेंस, कोटा  दे कर क्रोनी पूंजीपति बनाया हो लेकिन राजा खुद धनपति का एजेंट बन कर उसे काम धंधे दिलाने को...

  • मोदी-अडानी का सचमुच बना इतिहास!

    Gautam Adani bribery allegations: गजब है! आदमी की भूख की, भ्रष्टाचार की निश्चित ही सीमा नहीं होती! खरबपति भी टुच्चे ठगों जैसा बिजनेस प्लान लिए होता है! सामान्य विवेक की बात है जो दो साल पहले जब हिंडनबर्ग रिपोर्ट में भंडाफोड़ हुआ था तो गौतम अडानी को तौर तरीके बदलने थे। नरेंद्र मोदी को भी अपनी और भारत की वैश्विक इमेज में अडानी के कान कसने थे। लेकिन आज क्या प्रमाणित है? उलटे अडानी ने उस अमेरिका में झूठ, फरेब करके पैसा एकत्र किया, जहां भारत जैसा नंगा भ्रष्टाचार नहीं है! अमेरिकी निवेशकों से 175 मिलियन डॉलर इकठ्ठे किए। भारत...

  • अब सारी राजनीति अडानी के ईर्द गिर्द

    Adani: भारतीय जनता पार्टी के नेता और सोशल मीडिया में भाजपा का इकोसिस्टम यह सवाल उठा सकता है कि गौतम अडानी से जुड़ा हर विवाद संसद के किसी न किसी सत्र से पहले ही क्यों आता है? यह भी कहा जा सकता है कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय साजिश है क्योंकि संसद के शीतकालीन सत्र में ‘एक देश, एक चुनाव’ से लेकर वक्फ बोर्ड कानून में संशोधन का विधेयक आना है और उससे ठीक पहले अडानी से जुड़ा एक बड़ा विवाद सामने आ गया। गौरतलब है कि संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार, 25 नवंबर से शुरू हो रहा है। उससे चार...

  • एक कारोबारी कितने देशों में बदनाम

    Adani business: भारत के कारोबारी आमतौर पर दुनिया के दूसरे देशों में कारोबार करने नहीं जाते हैं। उनको पता है कि भारत जैसा क्रोनी कैपिटलिज्म दुनिया के ज्यादातर देशों में नहीं है। वहां सरकार से उस तरह का लाभ नहीं मिल सकता है, जैसा भारत में मिलता है। दूसरे, भारत की कंपनियां किसी भी कारोबार में प्रतिस्पर्धा से बचती हैं। उनको सरकारी ठेके, पट्टे का काम करने में ज्यादा फायदा दिखता है क्योंकि भारतीय नागरिक ऐसी बेचारी गाय हैं, जिनका दोहन सरकारें भी करती हैं और सरकारों के क्रोनी भी करते हैं। दुनिया के दूसरे सभ्य और लोकतांत्रिक देशों में...

  • चीन के सहारे सौर ऊर्जा में आत्मनिर्भरता

    अमेरिका में जांच के हवाले गौतम अडानी की ग्रीन ऊर्जा कंपनी की जो पोल खुली है उसमें एक पहलू तो रिश्वत देकर राज्यों के साथ पावर परचेज एग्रीमेंट का है लेकिन दूसरा पहलू यह है कि भारत सरकार ने अडानी समूह के साथ किस वजह से दुनिया का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा का समझौता किया था? यह तथ्य है कि अडानी समूह के साथ सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने जो करार किया था वह सौर ऊर्जा का दुनिया का सबसे बड़ा करार था और इसी रूप में उसे अमेरिका में प्रचारित भी किया गया था। लेकिन सवाल है कि...

  • जांच कैसे होगी, कौन कराएगा?

    गौतम अडानी ने जब भारत सरकार के सार्वजनिक उपक्रम सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के साथ करार कर लिया और अमेरिकी में सूचीबद्ध एज्योर एनर्जी के जरिए अमेरिका में इसका प्रचार करके खूब सारा पैसा उठा लिया तो सबसे बड़ा संकट था कि सोलर एनर्जी खरीदेगा कौन? पारंपरिक ऊर्जा स्रोत यानी कोयला आधारित ऊर्जा संयंत्रों या पनबिजली परियोजनाओं के मुकाबले सौर ऊर्जा वाली बिजली स्वच्छ तो थी लेकिन महंगी बहुत थी। ऊपर से चार या आठ गीगावॉट बिजली बेचनी है। इसका एक ही तरीका था कि राज्य सरकारें बिजली खरीदे। इसके लिए अडानी समूह ने राज्य सरकारों के साथ लॉबिंग...

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