ढलते सूरज में जगत सेठों की नई बिसात !
बेसिक, छोटा सा सवाल है नरेंद्र मोदी, अमित शाह की उम्र लंबी है या रिलायंस-अडानी कॉरपोरेट की? चुनाव छोड़े, और सोचे मोदी-शाह के शासन का सूरज जनता की निगाहों में ढलता हुआ है या नहीं? मोदी कितने कितने साल और राज करेंगे? अब किन-किनको कितना और बरबाद या बना सकते है? और क्या भविष्य मोदी-शाह, उनके चंगू-मंगूओं के कटघरे में खड़े होने के अवसर लिए हुए नहीं है? मगर इनके साथ क्या मुकेश अंबानी, गौतम अडानी का भी दिन ढलता हुआ है? नहीं। मैं इन इस दो सेठों के ऐसे अवसर कम मानता हूं। क्योंकि भारत की सत्ता, कार्यपालिका, विधायिका,...