गैर-बराबरी रोग है या लक्षण?
गैर-बराबरी पर गंभीरता से विचार करने के क्रम में पहला सवाल यह सामने आता है कि यह अपने-आप में एक समस्या है या मौजूदा आर्थिक का लक्षण भर है? मुद्दा यह है कि अगर उत्पादन के साधनों पर कुछ व्यक्तियों या व्यक्ति-समूहों का नियंत्रण रहेगा, तो यह कैसे संभव है कि उत्पादन से उत्पन्न धन का सबसे बड़ा हिस्सा उनकी जेब में ना जाए? तर्क दिया जा सकता है कि सरकारों के दखल से ऐसा करना संभव है? हाल में आई दो रिपोर्टों ने देशों के अंदर और विभिन्न देशों के बीच बढ़ती आर्थिक गैर-बराबरी पर फिर रोशनी डाली है।...