Iran US war

  • ओमान तट पर हमला, एक भारतीय लापता

    नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से एकतरफा तरीके से सीजफायर समाप्त होने की घोषणा के बाद अमेरिका और ईरान में जंग तेज हो गई है। इसके साथ ही ईरान ने होर्मुज की खाड़ी में अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए भी वहां हमले शुरू कर दिए हैं। ऐसा ही एक हमला ओमान के तट पर एक व्यापारी जहाज ‘जीएफएस गैलेक्सी’ पर हुआ है। इस जहाज पर 11 भारतीय नागरिक भी सवार थे, जो चालक दल का सदस्य थे। हमले में जहाज को नुकसान पहुंचा है और एक भारतीय नागरिक लापता हो गया है। 10 नागरिकों को...

  • अमेरिका-ईरान ने युद्ध बंद किया

    नई दिल्ली। दो दिन तक एक दूसरे पर हमला करने के बाद अमेरिका और ईरान ने युद्ध रोक दिया है। बताया जा रहा है कि कतर लगातार दोनों देशों के संपर्क में था और उसकी पहल पर युद्ध रोकने का फैसला हुआ है। यह भी तय हुआ है कि दोनों देश आपस में फिर बातचीत शुरू करेंगे। गौरतलब है कि 17 जून को युद्धविराम के समझौते पर दस्तखत के बाद दोनों देशों के बीच दो दौर की वार्ता हुई है। तीसरे दौर की वार्ता 18 जुलाई को पाकिस्तान में होने की चर्चा है। लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।...

  • अमेरिका-ईरान में तेज हुई जंग

    नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जंग तेज हो गई है। अमेरिका ने गुरुवार को लगातार तीसरे दिन ईरान पर हमला किया। ईरान ने भी पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर जवाबी हमले किए। गुरुवार को ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने बुशहर में परमाणु ऊर्जा फैसिलिटी के पास हवाई हमला किया। कतर की मीडिया ‘अल जजीरा’ के मुताबिक यह हमला दोपहर करीब 12 बजे हुआ। इससे पहले अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने हमले रोकने का ऐलान किया था। उसके बाद यह हमला हुआ। उधर अमेरिकी मीडिया ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने एक रिपोर्ट में बताया है...

  • युद्ध का समाधान नहीं?

    नई लड़ाई का कारण युद्ध के परिणाम पर अमेरिका और ईरान के अलग-अलग आकलन हैं। अमेरिका युद्धविराम को ईरान के प्रति रियायत मानता है, जबकि ईरान की राय है कि वह अधिक प्रभावशाली होकर उभरा है। ईरान और अमेरिका के बीच लड़ाई फिर छिड़ गई है। दोनों पक्षों ने एलान कर दिया है कि शांति का सहमति-पत्र (एमओयू) अब मृत हो चुका है। इसका अर्थ है कि दोनों देश आठ अप्रैल (जिस रोज युद्धविराम हुआ) से पहले की स्थिति में चले गए हैं। दोनों तरफ से हो रहे भीषण हमले इसी बात की मिसाल हैं। इसके साथ ही युद्धविराम से...

  • ईरान के 80 ठिकानों पर हमला

    नई दिल्ली। अमेरिका ने अस्थायी युद्धविराम को स्थगित करके एक बार फिर ईरान पर हमला शुरू कर दिया है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा है कि ईरान के 80 ठिकानों पर हमला किया गया। इसके साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि बुधवार की रात को और बड़े हमले किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ईरान वार्ता और युद्धविराम के लायक नहीं है। इसके जवाब में ईरान ने हमले की चेतावनी दी है और एक बार फिर होर्मुज की खाड़ी बंद करने की धमकी भी दी है। गौरतलब है कि ईरान में इस समय उसके सुप्रीम...

  • फिर युद्ध का साया

    ईरानी समाचार एजेंसी फारस की इस टिप्पणी ने सनसनी फैला दी है कि अब ईरान के पास परमाणु बम बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। यह राय ईरान के अपनी ताकत के नए आकलन को जाहिर करती है। अमेरिका और ईरान के एक-दूसरे के ठिकानों पर हमला करने के साथ 14 सूत्री सहमति-पत्र (एमओयू) पर दस्तखत से अमन की जन्मी उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं। उलझे मुद्दों को हल करने के लिए स्विट्जरलैंड में शुरू हुई वार्ता का भविष्य अनिश्चित हो गया है। ईरान ने इन वार्ताओं को “पूर्णतः रद्द” करने की घोषणा कर दी है। इससे स्पष्ट...

  • किफायत तो छोड़िए, नाटक भी नहीं चलेगा

    जब आप इस पूरे खेल को गौर से देखेंगे तभी समझ आएगा कि सरकार पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में क्यों नहीं लाना चाहती। अगर वह और राज्य सरकारें कर से मोटा कमाई करती हैं तो उसकी तेल कंपनियां और रिफायनरीज भी कमाई में होड़ लगाए हुई है। सिर्फ यह खेल खत्म हो जाए तो लोगों के लाखों करोड़ रुपए बचेंगे। बंगाल समेत चार राज्यों के चुनाव बीत जाने के बाद एक दिन जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाड़ी युद्ध से पैदा आर्थिक हालात का जिक्र करते हुए लोगों को चेताया और कुछ कड़े कदम उठाने का संकेत दिया...

  • वार्ता के बीच भी ट्रंप की धमक

    नई द‍िल्‍ली। एक तरफ अमेरिकी राष्‍ट्रपत‍ि डोनाल्‍ड ट्रंप ने फ‍िर ईरान के ख‍िलाफ हमले की चेतावनी दी है। और यह तब जब स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच अगले चरण की समझौता वार्ता हो रही है। ट्रंप ने ईरान पर लेबनान के हमलावर समूहों को फंड‍िंग करने का आरोप लगाते हुए उन पर रोक लगाने को कहा। उन्होने कहा क‍ि अगर ऐसा नहीं हुआ तो अमेर‍िका हमला करेगा। अमेर‍िका के राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने नई पोस्‍ट में लिखा है, ''ईरान को तुरंत लेबनान में अपने उन समूहों को रोकना चाहिए, जिन्हें वह पैसे देकर समर्थन देता है। वे परेशानी...

  • ईरान-अमेरिका समझौता टला

    नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच होने वाला युद्धविराम समझौता टल गया है। ईरान ने कहा है कि रविवार को समझौते पर दस्तखत नहीं होगा। उधर अमेरिका ने भी टाइमलाइन बढ़ा दी है और कहा है कि एक हफ्ते में समझौता हो सकता है। इससे पहले कहा जा रहा था कि रविवार को जिनेवा में दोनों देशों के बीच समझौता हो सकता है। इस मामले में मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान ने भी इसकी पुष्टि की थी। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि युद्ध खत्म हो गया है और जल्दी ही समझौते पर दस्तखत होने...

  • चिंगारी फिर सुलग उठी

    पश्चिम एशिया की ताजा घटनाओं से फिर पुष्टि हुई है कि कोई देश महज युद्ध शुरू करने के लिए स्वतंत्र होता है। उसके बाद जंग का अपना गतिशास्त्र बन जाता है, जिस पर किसी का नियंत्रण नहीं होता। डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया कि पश्चिम एशिया युद्ध का नियंत्रण उनके हाथ में है और उनके निर्देश पर बेंजामिन नेतन्याहू ईरान के ताजा हमलों का जवाब नहीं देंगे। मगर कुछ घंटों के बाद ही इजराइल ने ईरान पर हवाई हमले शुरू कर दिए। इससे साफ हो गया है कि जंग की दिशा अनियंत्रित हो गई है। रविवार रात ईरान ने इस...

  • ईरान पर अमेरिका का पलटवार

    नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान ने एक दूसरे पर हमला किया है। अमेरिका की सेंट्रल कमांड की ओर से कहा गया है कि ईरान के हमले के जवाब में उसने कार्रवाई की है। असल में ईरान ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हमला किया। कुवैत पर ईरान के इस हमले का चौतरफा विरोध हुआ है। गल्फ कोऑपरेशन से लेकर दूसरे कई देशों ने इसकी निंदा की है। हालांकि ईरान का कहना है कि अमेरिका की कार्रवाई के विरोध में क्षेत्रीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने का उसे अधिकार है। बहरहाल, अमेरिका ने कहा कि उसने ईरान के गोरुक और...

  • ईरान-अमेरिका समझौते में देरी

    नई दिल्ली। अमेरिका के बाद अब ईरान ने भी कहा है कि युद्धविराम के लिए तैयार मसौदा अभी फाइनल नहीं हुआ है। इससे पहले खबर आई थी कि मसौदा तैयार हो गया है और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी का इंतजार हो रहा है। हालांकि अमेरिका ने इससे इनकार कर दिया था। अब ईरान ने भी कहा है कि समझौता फाइनल नहीं हुआ है। ईरानी मीडिया के मुताबिक हाल के दिनों में मसौदे में बदलवा किए गए हैं। ईरानी अधिकारियों के हवाले से खबर आई है कि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर मीडिया में आई...

  • पश्चिम एशिया शांत नहीं हुआ तो क्या होगा

    भारत का मुश्किल समय गंभीर होता हुआ है। खास कर आर्थिक मोर्चे पर भारत की स्थिति बिगड़ने वाली है। महंगाई बेकाबू होगी, शेयर बाजार में बनाई गई कृत्रिम तेजी ठंडी पड़ेगी, रुपया और गिरेगा, जिससे भारत का मुद्रा बाजार तेजी से खाली होगा। इसका बड़ा असर यह संभव है कि महंगाई बढ़ेगी और महंगाई बढ़ेगी तो अनिवार्य रूप से रिजर्व बैंक को ब्याज दरों में बढ़ोतरी करनी होगी, जिससे विकास दर कम होगी। अभी ही अर्थव्यवस्था की हालत देखते हुए संस्थागत विदेशी निवेशक यानी एफआईआई और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक यानी एफपीआई अपना पैसा शेयर बाजार से निकाल कर रहे हैं।...

  • ट्रंप ने हमला टाला, ईरान सुपारी दे रहा

    नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले का फैसला टाल दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को ईरान पर बड़ा हमला करने का ऐलान किया था। लेकिन बाद में उन्होंने कई खाड़ी देशों का नाम लेते हुए कहा कि उनके कहने पर हमला टाल दिया है। दूसरी ओर ईरान संसद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सुपारी जारी कर रही है। बताया जा रहा है कि ईरान की संसद में ट्रंप और नेतन्याहू की हत्या करने वालों को पांच सौ करोड़ रुपए से ज्यादा इनाम देने वाला बिल लाया जा सकता...

  • फिर जंग की लपटें

    ईरान की शर्तें मानना अमेरिका के लिए अपनी हार स्वीकार करने जैसा होगा। ट्रंप ने इससे इनकार करते हुए प्रोजेक्ट फ्रीडम शुरू किया। मगर उसके दबाव में आने के बजाय ईरान ने जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिका/ इजराइल और ईरान के बीच युद्धविराम लगभग भंग हो चुका है। इसके टूटने की शुरुआत कब हुई और इसे किसने तोड़ा, इन प्रश्नों पर दोनों पक्षों की राय परस्पर विरोधी है। ईरान की दलील है कि आठ अप्रैल को लड़ाई ठहरने के बाद अमेरिका ने होरमुज जलडमरूमध्य की घेराबंदी कर युद्धविराम को पहली बार भंग किया। फिर तीन मई डॉनल्ड ट्रंप...

  • आर्थिकी के खोखे का सकंट काउंटडाउन!

    अमेरिका-ईरान की जंग का आज साठवां दिन है। मैंने पहले दिन ही ‘कितने सप्ताह, कितने महीने चलेगी लड़ाई’ का सिनेरियो बताया था। उसके दो महिने बाद शुक्रवार सुबह ईरान के नए अयातुल्लाह का बयान था कि हमसे अमेरिका की ‘शर्मनाक हार’ हुई है। वहीं ट्रंप ने आगे के सैनिक ऑपरेशन के विकल्पों पर विचार किया तो होर्मुज़ खाड़ी की नाकेबंदी जारी रखने की घोषणा भी की। ट्रंप ने ईरान की संवर्धित यूरेनियम व मिसाइल उत्पादन क्षमता को मिटाने का उद्देश्य बताया। सो, तय है ट्रंप और ईरान अड़े रहेंगे। यूक्रेन-रूस के गतिरोध जैसी लंबी स्थिति। आज खबर थी कि पाकिस्तान...

  • ईरान की शक्ति बनाम अमेरिका का खोखलापन!

    आदर्श स्थिति वह होगी, जब व्यक्ति को सारी स्वतंत्रताएं एवं अधिकार एक साथ प्राप्त हों। मगर दुनिया में अब तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं बनी, जो यह सब सुनिश्चित कर सके। इस लिहाज से अब तक तमाम राजसत्ताएं एक किस्म की सौदेबाजी (trade-off) का उपकरण रही हैं। पलड़ा उन तबकों के हित में झुक जाता है, जिनका राजसत्ता पर नियंत्रण होता है। गुजरे 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के अवैध हमले से शुरू हुई जंग में ईरान ने रणनीतिक विजय हासिल कर ली है, दुनिया का शायद ही कोई गंभीर विश्लेषक अब इस बात से असहमत होगा। ऐसा नहीं...

  • विराम के बाद युद्ध?

    अमेरिका ने ऐसा रुख अपनाया है, जैसे दोनों पक्षों के बीच युद्ध कभी हुआ ही नहीं हो! उधर ईरान का नजरिया है कि 39 दिन के युद्ध ने समीकरण बदल दिए हैं और वह अपनी बात मनवाने की स्थिति में है। ईरान और अमेरिका/ इजराइल के शांति समझौते की दिशा में बढ़ने की जागी उम्मीद पर जल्द ही पानी फिर गया। ईरान के होरमुज डलडमरूमध्य को फिर से बंद करने के बाद अब दोनों तरफ से मोर्चाबंदी तेज होने की खबरें हैं। लेबनान में युद्धविराम लागू होने और उसके बाद ईरान के होरमुज जल मार्ग को खोलने का एलान करते...

  • नए युग के द्वार पर खड़ी है दुनिया

    तेल और गैस की कीमतें विश्व बाजार से जुड़ी हुई हैं। अमेरिका में तेल और गैस का स्वामित्व निजी क्षेत्र की कंपनियों के पास है। अतः आपूर्ति घटने की स्थिति में उनका मुनाफा तो बढ़ेगा, लेकिन ऐसा आम अमेरिकी उपभोक्ता की कीमत पर होगा।  यही वो गंभीर स्थिति है, जिस वजह से ट्रंप ईरान युद्ध से निकलने का रास्ता ढूंढने के लिए बेताब नजर आए हैं। लेकिन ईरान इसका आसान रास्ता देने को तैयार नहीं है। समाजशास्त्री नेल बोनिला ने अपने एक ताजा आलेख में कहा है कि ‘पुरानी व्यवस्था अपने पक्ष में समग्र वैचारिक या राजनीतिक सर्व-सहमति निर्मित करने...

  • देश का पूरा विमर्श बदल गया

    दुनिया में इस समय चर्चा हो रही है कि पश्चिम एशिया का संकट कैसे दूर हो, तेल और गैस की सप्लाई कैसे सुचारू बने, होर्मुज की खाड़ी कैसे खुले, ऊर्जा सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए, महंगाई कैसे रोकी जाए खास कर खाने पीने की चीजों, उर्वरक, प्लास्टिक के उत्पाद, केमिकल और दवाओं आदि। लेकिन भारत में क्या चर्चा है, लोकसभा में कितनी सीटें बढ़ेंगी, महिलाओं को आरक्षण मिलेगा तो क्या बदलेगा, विधानसभाओं के आकार बढ़ाने होंगे, जनगणना के बिना परिसीमन होगा आदि आदि। इससे बात बचती है तो पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनाव की चर्चा होती है। इस बीच...

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