Jantar Mantar

  • जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने का प्रयास कर रहे तीन सीजेपी नेता हिरासत में

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता सौरभ दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को मंगलवार को कथित तौर पर जंतर-मंतर में प्रवेश करने और राष्ट्रीय ध्वज फहराने का प्रयास किया। पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके ने 'एक्स' पर एक पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी दी कि सुबह की इस घटना के दौरान पार्टी के कई सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। श्री दिपके ने जंतर-मंतर को एक प्रदर्शन स्थल के रूप में खत्म करने के केंद्र के आदेश को चुनौती देते हुए 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा आप प्रतिरोध को सूची से बाहर नहीं कर सकते।" उन्होंने...

  • जंतर मंतर पर अब नहीं हो सकेगा प्रदर्शन

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जंतर मंतर को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों की सूची से हटा दिया है। सोमवार को इस बारे में आदेश जारी कर दिया गया। इसका मतलब है कि अब जंतर मंतर पर प्रदर्शन नहीं हो सकेगा। कोई पार्टी या संगठन वहां प्रदर्शन करने की अनुमति भी नहीं मांग सकता है। बताया गया है कि केंद्र सरकार ने इस बारे में विचार करने के लिए एक कमेटी का गठन किया था, जिसकी सिफारिश के आधार पर इसे प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों की सूची से हटाया गया। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 33 साल पहले...

  • दिल्ली में अब जंतर-मंतर पर नहीं होंगे धरना-प्रदर्शन, तीन नये स्थल तय

    राष्ट्रीय राजधानी में विरोध-प्रदर्शन के लिए लंबे समय से इस्तेमाल होने वाला जंतर-मंतर अब धरना और प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल नहीं रहेगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक समिति की सिफारिशों के आधार पर दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के लिए तीन नये स्थान रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड चिह्नित किये गये हैं। Also Read : वोट चोरी के खिलाफ जन आंदोलन जारी रहेगा : राहुल दिल्ली के पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार द्वारा जारी स्थायी आदेश के अनुसार, जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में अब डी-नोटिफाई कर दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि गृह...

  • लोकतंत्र का रण-क्षेत्र

    यह सत्ता पक्ष की जिम्मेदारी है कि सभी हित-धारकों से संवाद कर वह अधिकतम सहमति बनाने का प्रयास करे, ताकि लोकतंत्र वोट के अलावा किसी अन्य तरह के शक्ति-प्रदर्शन का रण क्षेत्र ना बन जाए। कॉकरोच प्रतिरोध को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजधानी की किलेबंदी और आंदोलनकारियों पर सख्त कार्रवाई से ऐसा गतिरोध खड़ा हो रहा है, जिसके परिणाम के बारे में अभी अनुमान लगाना कठिन है। चूंकि इस जन आंदोलन के समानांतर विपक्षी दल भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को रद्द करने, और हाल में हुए चुनावों को रद्द करने...

  • सीजेपी का रविवार को भी जंतर-मंतर कूच

    नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शनिवार को दिल्ली में व्यापक पुलिस कार्रवाई और हजारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बावजूद रविवार को फिर जंतर-मंतर कूच करने की घोषणा की है। पार्टी के नेता अजिंक्य शिंदे ने कहा कि प्रदर्शनकारी रविवार सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पहुंचेंगे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे सहित अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे। इस बीच संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, वकीलों और पत्रकारों को बड़े पैमाने पर हिरासत में लिए जाने की खबरों पर चिंता जताई है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके,...

  • जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति को लेकर युवा कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई कल

    दिल्ली उच्च न्यायालय में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने से दिल्ली पुलिस के इनकार करने को चुनौती देने वाली युवा कांग्रेस की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हो सकती है। युवा कांग्रेस ने बताया कि संगठन के वरिष्ठ अधिवक्ता संजय घोष ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांबरे की पीठ के समक्ष याचिका का उल्लेख किया था। न्यायालय ने इसके बाद मामले को शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। युवा संगठन ने उम्मीद जताई है कि मामले पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। Also Read...

  • पुलिस और प्रदर्शनकारियों की शिकायत

    दो महीने छह दिन यानी 66 दिन के बाद जंतर मंतर पर नए सिरे से प्रदर्शन हुआ और साथ ही पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी शुरू हुई। इस बार भी पुलिस और प्रदर्शनकारी अपने अपने हिसाब से शिकायत कर रहे हैं। पुलिस की शिकायत है कि प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों के नाम लेकर उनको टारगेट कर रहे हैं। पुलिसकर्मियों के बैज पर लिखे गए नाम को पढ़ कर जोर से बोल रहे हैं और उनको निशाना बना रहे हैं। पुलिस को लग रहा है कि इससे सोशल मीडिया में ट्रोलिंग और परेशान करने का मौका बन रहा है। गौरतलब है...

  • दिल्ली में सीजेपी का अलग आंदोलन

    विपक्षी पार्टियों के गठबंधन ‘इंडिया’ ब्लॉक की 30 सितंबर की बैठक में तय किया गया कि दो से आठ अक्टूबर तो पूरे एक हफ्ते प्रदर्शन होगा और मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांगा जाएगा। इस प्रदर्शन के दौरान छह अक्टूबर को सभी विपक्षी पार्टियों के बड़े नेता निर्वाचन सदन की ओर मार्च करेंगे और घेराव करेंगे। इसके अलावा भी बैठक में कई प्रस्ताव मंजूर किए गए। इस बीच अलग अलग हिस्सों में प्रदर्शन चलता रहेगा। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है। दो अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में...

  • जंतर मंतर पर दूसरे दिन भी प्रदर्शन

    नई दिल्ली। शनिवार को लगातार दूसरे दिन जंतर मंतर पर वामपंथी पार्टियों के छात्र संगठनों और सिविल सोसायटी के लोगों ने प्रदर्शन किया। जाने माने वकील  और सपा समर्थित राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल भी शनिवार को प्रदर्शन में शामिल हुए। सिब्बल के अलावा मशहूर वकील प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव भी उनके साथ थे। सीपीआई माले के छात्र संगठन आईसा की नेता नेहा बोरा ने दूसरे दिन भी आंदोलन का नेतृत्व किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर स्थगित करने की मांग की। पुलिस ने शुक्रवार की ही तरह शनिवार को भी जंतर मंतर पर...

  • मुंबई में जंतर मंतर जैसा प्रदर्शन

    मुंबई। कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी ने मुंबई के शिवाजी पार्क को जंतर मंतर में बदल दिया। शुक्रवार, दो अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती के दिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग लेकर मुंबई के लोग सड़कों पर उतरे। बड़ी संख्या में लोग शिवाजी पार्क में इकट्ठा हुए और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आंदोलन का नेतृत्व किया। उनके साथ राजनीति और फिल्म जगत की बड़ी हस्तियां भी शामिल हुईं। देर शाम तक प्रदर्शनकारी शिवाजी पार्क में जमा रहे। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके बेटे...

  • जंतर मंतर कांड में नया ट्विस्ट

    कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन की कहानी खत्म ही नहीं हो रही है। प्रदर्शन 25 जुलाई को खत्म हो गया। सभी मांगें मान ली गई हैं। लेकिन अब भी उसका विवाद चल रहा है। पहले राहुल गांधी संसद मार्ग थाने में साहिल लोचब को लेकर पहुंचे और एफआईआर करने की जिद की। उनका दावा था कि साहिल को 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की पैलेट गन से गोली लगी है। दूसरी ओर पुलिस कह रहा है कि उसने पैलेट गन नहीं चलाई है। राहुल छह घंटे बैठे रहे और तब पुलिस ने अज्ञात लोगों...

  • जंतर मंतर के सारे एफआईआर रद्द

    नई दिल्ली। जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के आंदोलन से जुड़े सारे एफआईआर रद्द कर दिए गए हैं। आंदोलन खत्म होने के 38 दिन के बाद सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिली विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए सारे एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया। साथ ही सर्वोच्च अदालत ने सरकार से यह भी कहा कि वह तीन महीने के भीतर उन सभी छात्रों के परिजनों को मुआवजा दे, जिन्होंने नीट यूजी की परीक्षा रद्द होने के बाद सुसाइड करके जान दी थी। इस तरह सीजेपी के आंदोलन के तीनों मांगे पूरी हो...

  • जंतर मंतर पर आरक्षण विरोधी आंदोलन

    शुक्रवार, 21 अगस्त को आऱक्षण विरोधी आंदोलन की मीडिया में चर्चा ज्यादा नहीं हुई क्योंकि राहुल गांधी संसद मार्ग थाने पहुंच गए थे और कई घंटे वहां धरने पर बैठे रहे थे। लेकिन सोशल मीडिया में इसकी खूब चर्चा हुई। असल में जंतर मंतर पर आऱक्षण के विरोध में बड़ा आंदोलन हुआ। हजारों की संख्या में लोग जुटे थे और देर शाम पुलिस को बल प्रयोग करके आंदोलनकारियों को वहां से हटाना पड़ा था। यह पहला मौका था, जब इतना बड़ा आंदोलन हुआ और वह भी पूरी तरह से आर्गेनिक। कोई नेता या किसी पार्टी ने आंदोलन को न तो...

  • जंतर मंतर पर प्रदर्शन बंद हो सकता है

    पिछली बार तो ऐसा नहीं हो सका था लेकिन इस बार बहुत संभावना है कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन करना बंद करा दिया जाए। हालांकि कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन समाप्त होने के बाद वहां की घेराबंदी कर दी गई है और ऊंचे बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं। इसके बावजूद कई समूहों का प्रदर्शन अब  भी चल रहा है। इस बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई में सरकार से पूछा कि वह जंतर मंतर पर प्रदर्शन बंद क्यों नहीं करा देती है? ऐसा माना जा रहा है कि अब अदालत की सहमति से ही उसे बंद कराया...

  • ‘जेन जी’ के सांसद, विधायक परिवार वाले ही हैं!

    इन दिनों देश की राजनीति में नई पीढ़ी यानी ‘जेन जी’ की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। हर जगह, हर नेता की जुबान पर ये दो शब्द आ गए हैं। हालांकि नेपाल में आंदोलन के समय जब पहली बार यह शब्द चर्चा में आया तो ज्यादातर नेता समझ रहे थे कि यह चीन का कोई व्यक्ति है, जो नेपाल में आंदोलन भड़का रहा है। लेकिन आज भारत की संसद में नेता ‘जेन जी’ की भाषा के शब्दों का इस्तेमाल करके भाषण दे रहे हैं। दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए आंदोलन को ‘जेन जी’ का आंदोलन कहा गया। उसके...

  • जंतर-मंतर ही सही

    सर्वोच्च न्यायालय पहले यह कह चुका है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रतिरोध पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि विरोध प्रदर्शन संविधान के तहत एक मौलिक अधिकार है। अब इस पैमाने को नहीं बदला जाना चाहिए। यह निराशाजनक है कि सर्वोच्च न्यायालय ने जंतर-मंतर से हटा कर प्राथमिक प्रतिरोध स्थल को रामलीला मैदान तय करने की याचिका को गंभीरता से लिया। नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के आयोजन पर पहले ही कई बंदिशें लग चुकी हैं। ऐसे में आशंका है कि सुप्रीम कोर्ट के ऐसी याचिका को अहमियत देने को...

  • जंतर मंतर के प्रदर्शन में जैश व पाक कनेक्शन!

    कोलकाता। जंतर मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर एक बड़ी खबर पश्चिम बंगाल से आई है। बंगाल में पिछले दिनों गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकवादी से पूछताछ के बाद दावा किया जा रहा है कि उसको पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से निर्देश मिला था कि जंतर मंतर पर हो रहे प्रदर्शन में शामिल होकर तोड़ फोड़ करे। बताया गया है कि उसे पुलिस की वर्दी में वहां घुस कर अशांति फैलाने का निर्देश मिला था। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने बर्धमान जिले से जैश ए मोहम्मद के संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल को...

  • जंतर मंतर के बाद क्या झारखंड की बारी

    दिल्ली में जंतर मंतर पर धरने और प्रदर्शन के बाद यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि अब किसकी बारी होगी। पहले ऐसा लग रहा था कि कॉकरोच जनता पार्टी के नेता बिहार जाएंगे क्योंकि अभिजीत दिपके ने कह दिया था कि वे दो दिन में बिहार पहुंचेंगे। कुछ लोग मांग कर रहे थे कि दिपके और सीजेपी को पंजाब में प्रदर्शन करना चाहिए क्योंकि वहां भी पेपर लीक हुआ है। हालांकि सीजेपी के लोग पंजाब भी नहीं गए। यह भी चर्चा थी कि दिपके महाराष्ट्र के हैं और वहां भी शिक्षक पात्रता परीक्षा का पेपर लीक हुआ है तो...

  • सबका भरोसा खत्म हो गया है

    एक एक करके इस देश की हर संस्था की साख खत्म होती जा रही है और संस्थाओं के ऊपर से लोगों का भरोसा समाप्त है, और इसका नया आयाम कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी की ओर से जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन शुरू हुआ घटनाक्रम भी है। ध्यान रहे देश दो चीजों पर भरोसे से चलता है। पहली चीज है इलेक्शन और दूसरी चीज है एग्जामिनेशन। इन दोनों पर भरोसे का संकट है। एक के बाद एक चुनाव जीतने की जिद में भाजपा ने ऐसे काम किए, जिनसे लोगों का भरोसा घटा। यह सिर्फ विपक्षी पार्टियों का मामला नहीं है।...

  • अब नहीं हो पाएगा छात्रों का प्रदर्शन

    बुधवार की शाम को छात्रों के कई समूह जंतर मंतर पर पहुंचे थे। करीब दो घंटे तक उन्होंने प्रदर्शन किया। लेकिन उसमें बहुत उत्साह नहीं दिखा। छात्रों के ये समूह वामपंथी पार्टियों से जुड़े हुए हैं। गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को भी वामपंथी पार्टियों ने समर्थन दिया था। आईसा, एआईएसएफ और एसएफआई के छात्र उसमें शामिल हुए थे। आईसी की तीन छात्रों ने 21 दिन तक भूख हड़ताल किया था। उसके बाद अचानक आईसा की नेता नेहा का नाम चारों तरफ चर्चा में आया। वे बिहार भी गईं और बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों की रिहाई की...

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