दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंगर की याचिका पर सीबीआई से जवाब मांगा

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के दोषी पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर द्वारा दायर याचिका पर शुक्रवार को सीबीआई से जवाब मांगा। याचिका में सेंगर ने अपने दोषी ठहराए जाने और अंतिम सांस तक कारावास में रहने की सजा को चुनौती दी है। न्यायमूर्ति मनमोहन सिंह और न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की पीठ ने सीबीआई को नोटिस जारी किया। भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली की अदालत ने उन्नाव (उत्तर प्रदेश) में 2017 में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने के मामले में दोषी ठहराया है। हाईकोर्ट ने सेंगर को जुर्माना राशि भरने के लिए दो महीने का और समय दिया। अदालत ने सेंगर को पीड़िता को 10 लाख रुपए देने और शेष 15 लाख रुपए एफडीआर में बदलने और हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करने का निर्देश दिया। इसे भी पढ़ें : राहुल ने दविंदर मामले में एनआईए जांच पर सवाल उठाए

उन्नाव दुष्कर्म: कुलदीप सेंगर को उम्र कैद

दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव बलात्कार एवं अपहरण मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को आज उम्रकैद की सजा सुनायी।

सीबीआई ने सेंगर के लिए अधिकतम सजा की मांग की

उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के मामले को असाधारण मानते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अतिरिक्त विशेष लोक अभियोजक ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को अधिकतम सजा देने का आग्रह किया।

सेंगर बलात्कार का दोषी करार

दिल्ली की एक अदालत ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में आरोपी पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी करार दे दिया।

सेंगर और चिन्मयानंद को बड़ी राहत

सोशल मीडिया में यह पहले से कहा जा रहा था कि बलात्कार और हत्या के आरोपी भाजपा के दो नेता- कुलदीप सिंह सेंगर और चिन्मयानंद जेल में हैं तो यह महज वक्त की बात है। उन्हें अंततः सजा नहीं होनी है और अगर सजा हुई भी तो वह नाममात्र की होगी।

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