ये जो तमाशा हुआ!
मेसी की झलक- उनका खेल नहीं- दिखाने का जो तमाशा हुआ, वह अजीबोगरीब ही है। इसीलिए अभिनव बिंद्रा की इस सलाह पर सबको ध्यान देना चाहिए कि ‘मेसी का जयगान कर लेने के बाद अब वक्त आत्म-निरीक्षण का है। अभिनव बिंद्रा ने वह कहा, जो आखिरकार किसी को कहना चाहिए था। विनेश फोगट ने उसमें अपना स्वर जोड़ा, तो उससे वो बात और वजनदार हुई है। लायोनेल मेसी बेशक फुटबॉल के सर्वकालीन सबसे महान खिलाड़ियों में एक हैं। उनकी उपलब्धियां बेशुमार हैं। इस कारण उनके प्रशंसक भारत सहित दुनिया भर में मौजूद हैं। अतः लोग मेसी को देखना चाहें, तो...