सीएए पर द्रमुक का विधानसभा से बहिर्गमन

चेन्नई। तमिलनाडु में विधानसभा अध्यक्ष (पी. धनपाल) द्वारा नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) पर बोलने का मौका देने से इंकार करने पर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के सदस्यों ने पार्टी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन की अगुआई में लगातार दूसरे दिन सदन से बहिर्गमन कर दिया। तमिलनाडु में विपक्ष के नेता स्टालिन ने सीएए का मुद्दा उठाया और कहा कि सदन इस मामले पर प्रस्ताव पारित करे। पार्टी ने इससे पहले विधानसभा के सचिवालय को सीएए से संबद्ध एक प्रस्ताव पर एक पत्र सौंपा था। स्पीकर धनपाल ने स्टालिन से कहा कि यह मामला उनके पास विचाराधीन है और इसपर निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद द्रमुक सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।

सीएए के विरोध में डीएमके की रैली

डीएमके ने अपने सभी गठबंधन सहयोगियों और कई अन्य संगठनों के साथ मिलकर आज नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में रैली का आयोजन किया।

तमिलनाडु में 17 हजार सरकारी डॉक्टर हड़ताल पर

चेन्नई। तमिलनाडु में शुक्रवार से 17 हजार सरकारी डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। इससे सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां के डॉक्टर केंद्र सरकार में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे डॉक्टरों के हिसाब से वेतन पाने के अलावा डॉक्टरों की संख्या में कमी और समयबद्ध पदोन्नति को लागू करने की मांग कर रहे हैं। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने शुक्रवार को तमिलनाडु सरकार से हड़ताली डॉक्टरों के साथ बातचीत करने और समाधान खोजने का आग्रह किया। यहां जारी एक बयान में स्टालिन ने कहा कि डॉक्टरों द्वारा लिखित में अपनी बात रखने के बावजूद सरकार ने कोई कदम नहीं उठाए हैं। स्टालिन ने सरकारी डॉक्टरों को हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर करने के लिए मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी की निंदा भी की। तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता स्टालिन ने हड़ताली डॉक्टरों से सरकार के साथ बातचीत करने और समाधान खोजने के साथ ही हड़ताल का सहारा न लेने की अपील की। हड़ताली डॉक्टरों का कहना है कि केवल आपातकालीन स्थिति में ही मरीजों को देखा जाएगा। इसे भी पढ़ें : हरियाणा: 8 निर्दलीय विधायकों का भाजपा को समर्थन

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