श्रावण में मंगला गौरी व्रत का महत्व
पौराणिक मान्यतानुसार भगवान शिव-पार्वती को श्रावण माह अति प्रिय है। श्रावण मास का प्रत्येक सोमवार भगवान शिव को समर्पित है, तो इसका अगला दिन मंगलवार शिवपत्नी सती अथवा पार्वती को। इसलिए श्रावण के प्रत्येक सोमवार को शिव पूजन किया जाता है तो इसके अगले दिन मंगलवार को मंगला गौरी व्रत के रूप में सती अथवा पार्वती का पूजन किया जाता है। श्रावण माह के मंगलवार को इस व्रत के आयोजन के कारण इसे मंगला गौरी भी कहा जाता है। 15 जुलाई - मंगल गौरी व्रत विशेष विवाहित महिलाओं तथा कुंवारी कन्याओं के द्वारा क्रमशः अपने पति की भलाई, कल्याण, उज्ज्वल...