mata Shailaputri

  • नवदुर्गाओं में प्रथम स्वरूप — माता शैलपुत्री

    माता शैलपुत्री का स्वरूप केवल एक देवी की छवि नहीं है, बल्कि यह अडिग संकल्प, धैर्य और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक है। नवरात्र के पहले दिन उनकी पूजा से साधक अपनी साधना की शुरुआत मूलाधार चक्र से करता है। उनके अस्तित्व की जड़ें उनके पिछले जन्म से जुड़ी हैं। 19 मार्च-नवरात्र प्रथम दिवस वासन्तीय और शारदीय नवरात्र में माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इन्हें नवदुर्गा कहा जाता है और नवरात्र के हर दिन एक-एक रूप की आराधना होती है। पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा का विधान है। पौराणिक मान्यता के अनुसार वे पर्वतराज हिमालय...