जरूरी है इस्लाम के ‘जिहाद’ और ‘जुल्म’ को जानना
जिहाद हिंसक और अहिंसक दोनों तरह का हो सकता है। परन्तु हिंसा, मौखिक और शारीरिक दोनों ही उस का प्रमुख औजार रहा है। बिना जिहाद और हिंसा के मुहम्मद पूरी तरह विफल रहते हुए गुजर गये होते। मुहम्मद का सब से बड़ा आविष्कार जिहाद था। यही बाद में, मदीना से उन के सफल होने का कारण था। मौलाना मदनी का जिहाद जिहाद का सिद्धांत राजनीतिक इस्लाम की बुनियाद है। यह मानवता को दो हिस्से में बाँटकर देखता है -- इस्लाम मानने वाले, और नहीं मानने वाले। इसी से उस सिद्धांत की दोहरी नैतिकता बनती है। यानी, हर बात में दो...