Middle East crisis

  • भारत चंगा, सब अच्छा!

    ऑस्ट्रेलिया, जापान, खाड़ी देश, अफ्रीका, फ्रांस, यूरोप, ब्रिटेन से लेकर अमेरिका, सभी चिंता में हैं। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने कोविड के बाद पहली बार राष्ट्र को संबोधित कर समय खराब होने की हकीकत बताई। वहीं पाकिस्तान, चीन, मलेशिया तीनों मिल कर ईरान से तेल टैंकरों की आवाजाही सुरक्षित करने की कूटनीति कर रहे हैं। ईरान-ओमान खाड़ी को अपनी जागीर बनाने, टोल वसूलने का प्रोटोकॉल सोच रहे हैं। पुतिन तेल रिफाइनरियों के रखरखाव के बहाने सप्लाई कम करने की बातें कर अपना भाव बढ़ा रहे हैं। वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति जापान, दक्षिण कोरिया जाकर राष्ट्रपति ट्रंप की धौंस की काट की...

  • और विदेश में सैर-सपाटा!

    कहते हैं जनवरी से भारतीय हवाईअड्डों में भारतीयों के विदेश घूमने जाने का रिकॉर्ड है! दुबई, खाड़ी के देशों के रास्ते बंद हैं तो भीड़ दक्षिण-पूर्व एशिया यानी वियतनाम, श्रीलंका, थाईलैंड, मलेशिया, मालदीव जैसे देशों में उमड़ पड़ रही है! वियतनाम के एयरपोर्ट पर भारतीयों की भीड़ के नजारे सिर चकरा देने वाले हैं! पूरा एयरपोर्ट ही मानों भारतीयों से भरा! सोच सकते हैं, भारतीयों से वियतनाम कितने डॉलर कमा रहा है। ऐसे ही जनवरी में 52 हजार भारतीयों का श्रीलंका जाना मामूली बात नहीं है। तय मानिए, इन गर्मियों में भारत की भीड़ के घूमने का ठिकाना या तो...

  • गड़बड़ है तो विपक्ष दोषी

    वैसे तो सरकार ने यह बताने में कोई कसर नहीं छोड़ी है कि सब ठीक है। लेकिन अगर फिर भी जनता को लगता है कि सब ठीक नहीं है और कहीं कुछ गड़बड़ है तो उसके लिए जिम्मेदार विपक्ष है। सरकार के मंत्री और भाजपा के नेता, प्रवक्ता विपक्ष की जिम्मेदारी दो तरह से बता रहे हैं। पहली बात तो यह बताई जा रही है कि कांग्रेस ने इतने बरसों तक शासन किया लेकिन भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया। इसके बाद भक्त जनता खुद ही इसका प्रचार कर रही है। नेहरू जी और कांग्रेस के दूसरे प्रधानमंत्रियों...

  • कोरोना में भी चुनाव अब भी चुनाव!

    प्रधानमंत्री मोदी ही नहीं, केंद्र सरकार के कभी मंत्रियों के चुनाव अभियान को देखें। भाषण सुने कहीं से भी नहीं लगेगा कि भारत में कोई संकट है। पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से दुनिया भले परेशान हो लेकिन भारत पर असर नहीं हो रहा है। इसका मैसेज भी बनवा दिया है। दुनिया भी हैरान होगी कि ऐसा कैसे हो रहा है कि 140 करोड़ लोगों का देश, जो पूरी तरह से अपनी ऊर्जा जरुरत के लिए आयात पर निर्भर है वह इतना बेफ्रिक है। लेकिन अगर दुनिया भर के देश कोरोना महामारी के समय भारत सरकार की बेपरवाही देखे...

  • चुनाव प्रचार से भी सब अच्छा!

    पश्चिम एशिया की जंग से सबसे ज्यादा प्रभावित भारत है। भारत का 40 फीसदी तेल और 60 फीसदी से ज्यादा गैस की आपूर्ति होरमुज की खाड़ी से होती है। इसके अलावा भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों में 90 फीसदी कच्चा तेल और 60 फीसदी गैस आयात करता है। फिर भी भारत में सरकार मानती है कि सब ठीक है। भारत में 50 हजार औद्योगिक इकाइयों पर असर हुआ है। 20 हजार से ज्यादा इकाइयां बंद हो गई हैं। सूरत में टाइल्स की फैक्टरी से लेकर फिरोजाबाद में चूड़ियों की फैक्टरी तक ताले लग रहे हैं। राजधानी दिल्ली में छोले भटूरे की...

  • मोदी और सरकार तटस्थ

    पश्चिम एशिया में चल रही जंग पर भारत सरकार का रूख तटस्थ है। उसकी ओर से शांति की अपील तो की जा रही है लेकिन वह सीधे तौर पर इसमें पार्टी बनने से बच रही है। हिजबुल्लाह के चीफ हसन नसरल्लाह की इजराइली हमले में हुई मौत के मामले पर भी भारत ने चुप्पी रखी। भारत सरकार की ओर से कोई बयान नहीं जारी किया गया है। हालांकि इसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की। शनिवार, 28 अगस्त को नसरल्लाह के मारे जाने की पुष्टि हुई थी। इसके दो दिन बाद सोमवार,...

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