Moon

  • चंद्रमा ही नहीं, पृथ्वी की बदलती जलवायु भी ज्वार-भाटे पर डाल रही असर

    दुनिया के कुछ हिस्सों में समुद्र का जल ज्वार-भाटे के दौरान बहुत कम ऊपर-नीचे होता है, जबकि कुछ जगहों पर उच्च और निम्न ज्वार के बीच का अंतर काफी अधिक होता है। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के किम्बर्ली तट पर यह अंतर 10 मीटर से भी अधिक हो सकता है जो करीब तीन मंजिला इमारत की ऊंचाई के बराबर है। समुद्री ज्वार-भाटा तटरेखाओं और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को आकार देता है, तटीय समुदायों को प्रभावित करता है और यहां तक कि अंटार्कटिका की बर्फीली चट्टानों के पिघलने में भी भूमिका निभाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि कुछ स्थानों पर ज्वार...

  • पृथ्वी से ज्यादा गड्ढों से भरा है चंद्रमा, जानें क्यों नहीं मिटते क्रेटर्स के निशान

    31 मई को आसमान में पूर्णिमा यानी फुल मून का सुंदर नजारा देखने को मिलेगा। चंद्रमा हमेशा से लोगों के लिए आकर्षण और जिज्ञासा का विषय रहा है। इसकी चमक, आकार में बदलाव और सतह पर दिखाई देने वाले गड्ढे (क्रेटर्स) अक्सर लोगों के मन में कई सवाल पैदा करते हैं। इन्हीं सवालों में से एक सबसे आम सवाल यह है कि चंद्रमा पर इतने अधिक गड्ढे क्यों दिखाई देते हैं, जबकि पृथ्वी पर ऐसे गड्ढे बहुत कम नजर आते हैं? चंद्रमा को निहारेंगे तो उसकी सतह पर बने हजारों गड्ढे आसानी से दिखाई देंगे। चंद्रमा पर ये गड्ढे (क्रेटर्स)...

  • चांद की रोशनी का मैजिक ‘मूनग्लिंट’, जानें कब बनता है यह प्रतिबिंब?

    पृथ्वी बेहद खूबसूरत और अनोखी है। और अंतरिक्ष से देखने पर छोटी-छोटी चीजें भी बड़ी और आकर्षक लग सकती हैं। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर मौजूद अंतरिक्ष यात्री अक्सर पृथ्वी की खूबसूरत घटनाओं को कैमरे में कैद करते रहते हैं।  इसी कड़ी में एक अनोखा और खूबसूरत नजारा कैमरे में कैद किया, जिसे ‘मूनग्लिंट’ कहा जाता है। इस तस्वीर में रात के समय फ्लोरिडा प्रायद्वीप और क्यूबा दिखाई दे रहे हैं, जबकि समुद्र की सतह पर चांद की रोशनी का चमकीला प्रतिबिंब साफ नजर आ रहा है।  बता दें, अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा द्वारा शेयर की गई यह तस्वीर 19...