MVA

  • एमवीए क्या एकजुट होकर लड़ेगा चुनाव?

    महाराष्ट्र में वोट गड़बड़ी के सवाल पर महा विकास अघाड़ी यानी एमवीए के घटक दल एकजुट हुए हैं। काफी समय के बाद सभी घटक दलों ने मुंबई एक प्रदर्शन किया और रैली का आयोजन किया। इसमें कांग्रेस के नेता बाला साहेब थोराट  भी शामिल हुए और शरद पवार भी शामिल हुए। ध्यान रहे कांग्रेस को इस बात पर आपत्ति थी कि उद्धव ठाकरे क्यों राज ठाकरे को गठबंधन में शामिल कर रहे हैं। हालांकि राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी मनसे अभी आधिकारिक रूप से एमवीए का हिस्सा नहीं है लेकिन उद्धव ने उसके साथ ही स्थानीय निकाय...

  • वोट गड़बड़ी पर एमवीए की रैली

    मुंबई। महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी यानी एमवीए ने मतदाता सूची में गड़बड़ी को बड़ा मुद्दा बना दिया है। इस मुद्दे पर शनिवार को मुंबई में एमवीए की बड़ी रैली हुई, जिसमें सभी घटक दलों के नेता शामिल हुए। उद्धव ठाकरे के साथ साथ उनके भाई राज ठाकरे भी इस रैली में शामिल हुए। राज ठाकरे के होने के बावजूद कांग्रेस के नेता भी इसमें शामिल हुए। करीब 20 साल के बाद उद्धव और राज ठाकरे एक साथ किसी रैली में शामिल हुए। इस रैली में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने...

  • राज ठाकरे को एमवीए में नहीं लेना चाहती कांग्रेस

    महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी का मामला उलझता दिख रहा है। कांग्रेस पार्टी पहले से इस बात से नाराज थी कि उद्धव ठाकरे क्यों अपने चचेरे भाई राज ठाकरे के साथ बृहन्नमुंबई महानगरपालिका चुनाव में तालमेल की बात कर रहे हैं। लेकिन उद्धव को पता है कि बीएमसी का चुनाव राज ठाकरे के बगैर नहीं जीता सकता है क्योंकि भाजपा भी इस बार पूरी ताकत से लड़ रही है। इसलिए उन्होंने एक तरह से राज ठाकरे के साथ तालमेल फाइनल कर लिया है। मुश्किल यह है कि कांग्रेस अभी राज ठाकरे के साथ नहीं दिखना चाहती है क्योंकि बिहार...

  • सूत न कपास और एमवीए में मारामारी

    maharashtra politics : महाराष्ट्र में राज्य सरकार इस बात के लिए तैयार नहीं हुई है कि किसी पार्टी को मुख्य विपक्षी पार्टी के दर्जा मिलेगा और उसके विधायक दल का नेता सदन में नेता प्रतिपक्ष बनेगा। लेकिन उससे पहले ही राज्य के विपक्षी गठबंधन यानी महाविकास अघाड़ी में खींचतान शुरू हो गई है। यानी गांव अभी बसा नहीं है और मांगने वाले पहुंच गए! राज्य विधानसभा की स्थिति ऐसी है कि 288 सदस्यों के सदन में विपक्षी गठबंधन के कुल 46 विधायक हैं (maharashtra politics) लेकिन नेता प्रतिपक्ष बनने के लिए 29 सीट की संख्या किसी के पास नहीं है।...

  • महायुति का विवाद कितना बढ़ेगा?

    यह बड़ा सवाल है कि महाराष्ट्र में भाजपा, शिव सेना और एनसीपी के सत्तारूढ़ गठबंधन यानी महायुति के अंदर शुरू हुआ विवाद कहां तक बढ़ेगा? क्या एनसीपी के नेता छगन भुजबल बागी होंगे? भुजबल ने नाराजगी का खुला इजहार कर दिया है। सरकार बनने पर वे मंत्री पद की इच्छा रखते थे औऱ उनको लग रहा था कि उन्हें कोई अहम मंत्रालय मिलेगा। मंत्रियों के शपथ से दो दिन पहले तक वे दिल्ली में अजित पवार के साथ थे। परंतु जब अजित पवार के कोटे के नौ मंत्रियों के नाम राज्यपाल के पास भेजे गए तो उसमें से छगन भुजबल...

  • एमवीए की तीनों पार्टियों की दूसरी सूची जारी

    मुंबई। सीट बंटवारे को लेकर गतिरोध कायम रहने के बीच महाराष्ट्र के विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी यानी एमवीए के तीनों घटक दलों ने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है। शरद पवार की एनसीपी ने 22 और कांग्रेस ने 23 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। उद्धव ठाकरे की शिव सेना ने भी शनिवार की सुबह 15 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया। इस तरह उद्धव की पार्टी ने 80 नामों का ऐलान कर दिया। पहली सूची में उसने 65 उम्मीदवारों की घोषणा की थी। शरद पवार एनसीपी ने शनिवार को दूसरी सूची जारी की। इसमें 22 उम्मीदवारों के...

  • महाराष्ट्र में तीसरे मोर्चे का गठन

    महाराष्ट्र में नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव में सीधा मुकाबले दो गठबंधनों के बीच होगा। एक तरफ सरकार चला रही महायुति है तो दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी है। महायुति में भाजपा, शिव सेना और एनसीपी के बीच सीट बंटवारे की बात चल रही है तो दूसरी ओर महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस, उद्धव ठाकरे और शरद पवार भी सीट बंटवारे पर मंथन कर रहे हैं। दोनों तरफ सीएम उम्मीदवार तय करने को लेकर भी खींचतान चल रही है। इस बीच एक तीसरा गठबंधन तैयार हो रहा है। राज्य में तीन बड़े नेता, जो अलग अलग सामाजिक समूहों का...

  • विपक्ष का जूता मारो अभियान

    मुंबई। छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने के विरोध में उद्धव ठाकरे और शरद पवार सहित तमाम विपक्षी नेता रविवार को सड़क पर उतरे। एनसीपी के संस्थापक शरद पवार की तबियत ठीक नहीं थी इसके बावजूद वे भी महा विकास अघाड़ी के प्रदर्शन में शामिल हुए। महा विकास अघाड़ी ने अपने इस प्रदर्शन को जोड़े मारो यानी जूता मारो आंदोलन नाम दिया था। प्रदर्शन के दौरान सत्तारूढ़ एनडीए के नेताओं की तस्वीरों पर विपक्षी नेतओं ने जूते मारे। मुंबई के हुतात्मा चौक से गेटवे ऑफ इंडिया तक विपक्षी नेताओं ने पैदल मार्च निकाला। इसमें उद्धव ठाकरे के साथ शरद पवार...

  • महाराष्ट्र में कांग्रेस के पटोले विलेन!

    महाराष्ट्र की राजनीति में क्या उद्धव ठाकरे कमजोर कड़ी साबित होंगे? उन्होंने पूरा जोर लगाया है कि कांग्रेस और शरद पवार चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद का दावेदार पेश करें। उनको लग रहा है कि इन दोनों पार्टियों के पास कोई अखिल महाराष्ट्र की राजनीति करने वाला नेता नहीं है और न कोई ऐसा चेहरा है, जो करिश्माई हो। तभी उनको भरोसा है कि अगर चुनाव से पहले सीएम का दावेदार घोषित हुआ तो वे इकलौते नेता हैं, जो हर कसौटी पर खरा उतरते हैं। उनको यह भी पता है कि तमाम सद्भाव के बावजूद उनकी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी...

  • महाराष्ट्र में विपक्ष का सीएम चेहरा बाद में?

    लातूर। कांग्रेस कहा है कि महाराष्ट्र में महा विकास आघाडी (एमवीए) की तरफ से मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा चुनाव के बाद की जाएगी, हालांकि सहयोगी दलों ने सीट बंटवारे पर बातचीत शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा, इस बारे में पूछे जाने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि महाराष्ट्र के स्वाभिमान को बचाना उनकी प्राथमिकता है। पटोले ने कहा, ‘‘नतीजों के बाद, नए विधायकों से सलाह-मशविरा कर मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जाएगी।’’ भाजपा के नेताओं ने इस सप्ताह की शुरुआत में दावा किया था कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे...

  • महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव में एनडीए को नौ सीटें

    मुंबई। महाराष्ट्र के विधान परिषद चुनाव में उद्धव ठाकरे का दांव नहीं चला है। 11 सीटों के लिए हुए चुनाव में उन्होंने एक अतिरिक्त उम्मीदवार उतार दिया था। माना जा रहा था कि वे महायुति यानी भाजपा, शिव सेना और एनसीपी के खेमे में सेंध लगा देंगे। लेकिन कामयाबी नहीं मिली। उलटे महाविकास अघाड़ी की पार्टियों के सात से आठ विधायकों के क्रॉस वोटिंग करने की खबर है। राज्य में 11 सीटों के लिए हुए चुनाव में एनडीए को नौ सीटें मिली हैं, जबकि ‘इंडिया’ ब्लॉक को दो सीटों से संतोष करना पड़ा है। उद्धव ठाकरे ने तीसरे उम्मीदवार के...

  • महाराष्ट्र के मंत्री एकनाथ शिंदे का खुलासा

    Eknath Shinde :- महाराष्ट्र शिवसेना के एक मंत्री ने दावा किया है कि अगर जून 2022 में 40 विधायकों और अन्य निर्दलीय विधायकों द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली तत्कालीन सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार को गिराने का प्रयास विफल हो जाता तो विद्रोहियों के नेता (वर्तमान मुख्यमंत्री) एकनाथ शिंदे आत्महत्या कर लेते। स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक वी. केसरकर ने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि वह शिंदे के बहुत करीब थे और वे नियमित रूप से नोटों का आदान-प्रदान करते थे, इसलिए उन्हें इसकी जानकारी है। केसरकर ने कहा, शिंदे ने हमारे साथ 'विद्रोह' का कदम...

  • केसीआर के राजनीति और एमवीए की समस्या

    पता नहीं तेलंगाना की पार्टियों को महाराष्ट्र में कितनी संभावना दिख रही है? पहले हैदराबाद तक सीमित रही पार्टी एमआईएम ने महाराष्ट्र में राजनीति शुरू की और बड़ी जीत हासिल की है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी को महाराष्ट्र में लोकसभा की एक सीट पर जीत मिली। अब तेलंगाना में सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति की नजर महाराष्ट्र पर है। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव लगातार महाराष्ट्र के दौरे कर रहे हैं और वहां उस वोट बैंक को साधने का प्रयास कर रहे हैं, जो राज्य के विपक्षी गठबंधन यानी महा विकास अघाड़ी की असली ताकत है। ध्यान रहे अघाड़ी की दो पार्टियां-...

  • बीजेपी के गढ़ पुणे में कांग्रेस का तूफान

    पुणे। कांग्रेस-महाविकास अघाड़ी (MVA) के उम्मीदवार रवींद्र धांगेकर (Ravindra Dhangekar) ने गुरुवार को कस्बापेठ विधानसभा सीट (Kasbapeth Assembly Seat) से जीत हासिल की और इस तरह भारतीय जनता पार्टी (BJP) को उसके 27 साल के गढ़ से बाहर कर दिया। उन्होंने अपने भाजपा प्रतिद्वंद्वी हेमंत रसाने (Hemant Rasane) को हराया, जिन्होंने चुनाव में हार मान ली है। बस आधिकारिक घोषणा होना बाकी है। धांगेकर की जीत को भाजपा के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। यह सीट लगभग तीन दशकों से भाजपा की सुरक्षित सीट रही है। फाइनल टैली के मुताबिक, धांगेकर को 73,284 वोट मिले, जबकि रसाने...

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