एनसीपी का विलय हुआ तो कांग्रेस को फायदा
शरद पवार और अजित पवार की पार्टियों का विलय होने की चर्चा चल रही है। अगर दोनों पार्टियां एक हो जाती हैं तो उसका सबसे बड़ा लाभ कांग्रेस को होगा। शरद पवार ने कांग्रेस का ही वोट लेकर राजनीति की थी। उन्होंने कांग्रेस पार्टी से अलग होकर 1999 में अपनी पार्टी बनाई थी और अपने साथ साथ कांग्रेस के वोट आधार का एक अच्छा खासा हिस्सा ले गए थे। मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र में, जहां कांग्रेस का मजबूत आधार था वही पर शरद पवार की एनसीपी का भी आधार बना। पहले चुनाव में यानी 1999 में तो वे कांग्रेस से...