एनसीपी का ड्रामा चलता रहेगा
शरद पवार से ज्यादा राजनीतिक दांवपेंच जानने वाला नेता इस देश में कम ही हुआ। लेकिन अब वे उम्र के जिस पड़ाव पर हैं वहां से वे राजनीति को वैसे हैंडल नहीं कर पा रहे हैं, जैसा करते थे। इसके बावजूद उनको इस बात का एडवांटेज है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व खास कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके प्रति सद्भाव रखते हैं। तभी महाराष्ट्र के भाजपा और शिव सेना नेताओं को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कोई भी ऐसा काम नहीं करना है, जिससे शरद पवार को परेशानी हो। यानी उनकी पार्टी का क्या होना है यह तय...