एक नेहरू थे, एक मोदी है।
तो आज का वक्त भारत का सेनापति बेचारा (थलसेना प्रमुख-जनरल एमएम नरवणे) ‘सबसे ऊपर से’.. आदेश की प्रतीक्षा के अनुभव वाला। अंत में जवाब - “जो उचित समझो, वह करो।” कितनी गंभीर बात। तभी विचार करें नेहरू के बनाए भारत और जिन्ना के बनाए पाकिस्तान में क्या फर्क है? नेहरू की जिद्द थी कि सिविल सरकार से सेना आदेश लेगी। जबकि जिन्ना ने दिमाग नहीं लगाया। नतीजतन पाकिस्तान में रिवाज है सेना देगी सिविल सरकार को आदेश। वह चलाएगी सरकार! इस फर्क को क्या नरेंद्र मोदी, अजित डोवाल, राजनाथ सिंह, अमित शाह, जयशंकर या संघ परिवार के लाठीधारी जानते हैं?...