दिल्ली के साथ अनवरत मज़ाक

लेखक: सुशील कुमार सिंह क्योंकि महात्मा गांधी, लाला लाजपत राय और स्वामी श्रद्धानंद ने उन्हें ‘देशबंधु’ बताया था, इसलिए पानीपत में जन्मे रतिराम गुप्ता का नाम ही देशबंधु गुप्ता पड़ गया था। वे संविधान सभा के सदस्य भी बने, जहां उन्होंने दिल्ली की बढ़ती आबादी का हवाला देते हुए संसद में दिल्ली का प्रतिनिधित्व बढ़ाने… Continue reading दिल्ली के साथ अनवरत मज़ाक

गलती सिर्फ नेहरू की नहीं है!

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत सरकार की चीन नीति को लेकर सवाल उठाया तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पंडित नेहरू की गलतियां गिनाईं। उन्होंने राहुल से उनके परनाना की गलतियों पर सवाल किया।

नेहरू से आगे निकल गए आखिर मोदी!

जैसे अमेरिका के हर राष्ट्रपति की ख्वाहिश अब्राहम लिंकन बनने की होती है उसी तरह भारत के हर प्रधानमंत्री की इच्छा होती है कि वह पंडित जवाहर लाल नेहरू के जैसा हो जाए

कांग्रेस के आगे असल प्रश्न

फिलहाल, कांग्रेस में यथास्थिति यानी स्टेस-को कायम रहेगी। वो स्थिति जो पिछले साल आम चुनाव में पार्टी की लगातार दूसरी बार पराजय के बाद बनी थी। यानी फिलहाल पार्टी कार्यवाहक अध्यक्ष के नेतृत्व में ही काम करेगी।

जनसंघ के ‘हवाबाज’ ने रूकवाई नेहरू सीरिज

संघ परिवार के साथ मेरे अनुभव -3: मैं बड़ा प्रसन्न हुआ जब उस आरएसएस नेता ने, जिन से मैं कलकत्ते में मिला था और जो अब संगठन में बड़े ऊँचे पहुँच गए थे, मुझे आर्गेनाइजर में एक लेख-माला में नेहरू के विचार-तंत्र (आइडियोलॉजी) पर लिखने के लिए आमंत्रित किया।

मोदी को भी नेहरू जैसा धोखा!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सन 2020 की गर्मियों में क्या वैसा ही महसूस कर रहे हैं, जैसा अक्टूबर 1962 में तब के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने महसूस किया था? कहना मुश्किल है क्योंकि वक्त वैसा नहीं है

हिंदू उड़ा और मुसलमान पिंजरे में!

नंबर एक मसला, हिंदू-मुस्लिम-2: बूझें-सोचें आप कि सन 1947 में आजादी के बाद भारत का क्या आइडिया था? वह क्या विचार, क्या संकल्प था, जो नागरिकों के लिए था या जिसमें लोगों को ढलना था? भारत को बनना था? अपनी राय में पहला, मूल विचार यह बोध था कि अब हम आजाद हैं। मैं अब… Continue reading हिंदू उड़ा और मुसलमान पिंजरे में!

यह किसका देश है?

हिन्दूवादियों को गुमान है कि अब हिन्दू जग गए हैं। किन्तु ‘जग जाने’ का मतलब क्या है? अच्छे-अच्छे हिन्दू यहाँ अपने संवैधानिक रूप से दूसरे दर्जे, जनसांख्यकी राजनीति, घातक शैक्षिक वातावरण, आदि से परिचित तक नहीं हैं। बस, दशकों से चल रहे अंतर्राष्ट्रीय इस्लामी उग्रवाद की प्रतिक्रिया में कुछ हलचल भर हुई है। किन्तु हिन्दू… Continue reading यह किसका देश है?

उनका दिमाग, हमारा दिमाग व मध्य मार्ग!

कल मनोवैज्ञानिक विश्लेषण में दिमाग-बुद्धि पर व्याख्या टेक्नीकल-जटिल हो गई। पर दिमाग-बुद्धि का मामला बहुत दुरूह है। ऊपर से मैं एक व्यक्ति की जगह उसकी प्रतिनिधि कौम विशेष याकि हिंदू मनोविश्व के डायग्नोसिस की कोशिश में हूं।

तब भी हिंदू अवचेतन और अब भी…

नरेंद्र मोदी और अमित शाह के भारत और गांधी-नेहरू के भारत का क्या फर्क है? इस पर लोग मोटा जवाब देंगे कि तब भारत हिंदू, हिंदुवादी नहीं था लेकिन अब है। मैं यहां ‘हिंदू, हिंदुवादी’ शब्द इस्तेमाल कर रहा हूं न कि हिंदू राष्ट्र! लेकिन हिंदू, हिंदुवादी होना भी हिंदू राष्ट्र की छाया है।