Nehru

  • एक नेहरू थे, एक मोदी है।

    तो आज का वक्त भारत का सेनापति बेचारा (थलसेना प्रमुख-जनरल एमएम नरवणे) ‘सबसे ऊपर से’.. आदेश की प्रतीक्षा के अनुभव वाला। अंत में जवाब - “जो उचित समझो, वह करो।” कितनी गंभीर बात। तभी विचार करें नेहरू के बनाए भारत और जिन्ना के बनाए पाकिस्तान में क्या फर्क है? नेहरू की जिद्द थी कि सिविल सरकार से सेना आदेश लेगी। जबकि जिन्ना ने दिमाग नहीं लगाया। नतीजतन पाकिस्तान में रिवाज है सेना देगी सिविल सरकार को आदेश। वह चलाएगी सरकार! इस फर्क को क्या नरेंद्र मोदी, अजित डोवाल, राजनाथ सिंह, अमित शाह, जयशंकर या संघ परिवार के लाठीधारी जानते हैं?...

  • नेहरू और कांग्रेस पर मोदी का हमला

    राजकोट। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ पर मोहम्मद गजनवी के हमले के एक सौ हजार साल पूरे होने के बहाने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू और आज की कांग्रेस को निशाना बनाया। उन्होंने नेहरू का नाम लिए बगैर कहा कि आजादी के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का विरोध किया गया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मंदिर के पुनर्निर्माण का विरोध करने वाली ताकतें आज भी मौजूद हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री ने रविवार की सुबह मंदिर में पूजा अर्चना कीष गौरतलब है कि मंदिर पर हमले के एक हजार साल होने पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया...

  • सारे रिकॉर्ड तोड़ कर जाएंगे मोदी!

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीसरे कार्यकाल में पुराने रिकॉर्ड्स की बराबरी कर रहे हैं, उन्हें तोड़ रहे हैं और नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। जून 2024 में जब वे लगातार तीसरी बार अपनी पार्टी को चुनावी जिता कर प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी की। उनके अलावा कोई और नेता लगातार तीन बार प्रधानमंत्री नहीं बना है। अब मोदी ने एक और रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अब वे लगातार सबसे ज्यादा दिन तक प्रधानमंत्री रहने वाले दूसरे नेता बन गए हैं। उन्होंने इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड तोड़ा है। इंदिरा गांधी...

  • नेहरू ने अमेरिका से मदद मांगी थी

    india politics : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए कांग्रेस पर हमला किया और कहा कि, “अगर कोई सचमुच कूटनीति में बहुत रूचि रखता है तो उसको ‘जेएफकेज फॉरगॉटेन क्राइसेस’ पढ़नी चाहिए। इसमें भारत के एक प्रधानमंत्री, जो विदेश नीति भी देखते थे, उनके बारे में लिखा है कि, जब देश चुनौतियों में था, तब विदेश नीति के नाम पर क्या खेल हो रहा था”। असल में यह किताब अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के एक अधिकारी ब्रूस रीडेल ने लिखी थी, जिसमें चीन युद्ध के समय देश के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल...