oil crisis

  • तेल खरीद में अमेरिका माईबाप

    रुबियो के साथ बैठक के बाद और साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि रुबियो के लिए अमेरिका फर्स्ट है तो उनके लिए भारत फर्स्ट है। अच्छी बात है लेकिन भारत क्यों अमेरिका के कहने से तेल खरीद रहा है या खरीदना बंद कर रहा है? जयशंकर और दूसरे तमाम लोग कहते हैं कि भारत अपनी ऊर्जा जरुरत के हिसाब से रूस से तेल खरीदने का फैसला करता है। लेकिन वास्तविकता यह है कि पहले जहां 40 फीसदी तेल खरीदा जा रहा था वहां अब 30 फीसदी खरीदा जा रहा है। वह भी अमेरिका की ओर से...

  • नेता दिखावा बंद करें तो कुछ काम हो

    वैसे तो भारत कृषि प्रधान देश कहा जाता है लेकिन राजनीति की बात करें तो भारत एक प्रदर्शन प्रधान देश है। यहां नेता कई तरह की कलाकारी का प्रदर्शन करते हैं और जनता को मूर्ख बनाते हैं। परफॉर्मेटिव पोलिटिक्स में जैसी महारत भारत के नेताओं को है वैसी दुनिया के किसी देश के नेता में नहीं होगी। तभी देश और दुनिया में तेल का संकट शुरू हुआ तो दुनिया भर के देशों ने अपने यहां इस संकट से निपटने के उपाय किए। भारत में पहले तो 70 दिन तक संकट को स्वीकार ही नहीं किया गया क्योंकि पांच राज्यों के...

  • पानी सिर तक पहुंचा

    सवा दो महीनों तक आर्थिक मजबूती का गैर-जरूरी दिखावा करने के बाद आखिरकार अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों” का मुकाबला करने के लिए सात-सूत्री अपील भारतवासियों से की है। तो आखिर ये नौबत आ पहुंची। प्रधानमंत्री को डॉलर और तेल- गैस बचाने के लिए आम नागरिकों से अपील करनी पड़ी है। सवा दो महीनों तक आर्थिक मजबूती का गैर-जरूरी दिखावा करने (मुमकिन है जारी चुनाव के कारण किया गया हो) के बाद अब नरेंद्र मोदी ने “चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों” का मुकाबला करने के लिए सात-सूत्री अपील भारतवासियों से की है। कहा है कि ऊर्जा बचाने के लिए...

  • तेल के संकट की याद तो आई!

    आखिरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तेल के संकट की याद आ गई। हालांकि ऐसा नहीं है कि उनको इसके बारे में पता नहीं था। देश में पेट्रोल, डीजल और गैस का संकट तो करीब ढाई महीने पहले ही शुरू हो गया था। लेकिन चूंकि उस समय चुनाव चल रहे थे। इसलिए उस समय लोगों को बताया नहीं जा सकता था। अब संकट के बारे में बताने का सही समय आ गया है। प्रधानमंत्री पहले भी जानते थे कि देश में तेल के कुएं नहीं हैं। लेकिन यह बात उन्होंने देश के लोगों को तब बताई जब पांच राज्यों के चुनाव...

  • ‘आत्मनिर्भर भारत’ और तेल का संकट

    दस साल हो गए, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत अपनी ऊर्जा जरुरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता को कम करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने सात फरवरी 2016 को ओडिशा के पारादीप में भारत की सबसे बड़ी पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन यानी आईओसी की एक रिफाइनरी का उद्घाटन करते हुए यह बात कही थी। उन्होंने उस समय एक लक्ष्य भी तय किया था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि 2022 तक भारत अपनी ऊर्जा जरुरतों को पूरा करने के लिए विदेशी निर्भरता को 10 फीसदी तक कम करेगा। उस समय भारत 80 फीसदी से ज्यादा कच्चा...